यूपी एटीएस टीम की पूछताछ में सामने आया है कि यह दोनों सगे भाई हैं और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर साल 2007-08 से भारत में रह रहे हैं। दोनों आरोपी साल 2013 में अवैध रूप से भारत में रहने के आरोप में पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार किए गए थे और लगभग दो साल जेल में रहे हैं।
जेल से रिहा होने के बाद इन दोनों को बांग्लादेश के लिए निर्वासित कर दिया गया था। इसके बाद दोनों साल 2015 में दोबारा अवैध रूप से सीमा पार कर भारत आ गए और दलालों के माध्यम से सहारनपुर के पते पर फर्जी वोटर आईडी, आधार कार्ड और पासपोर्ट बनवा लिया।
पूछताछ में सामने आया है कि दोनों बांग्लादेशी अमेरिका, सऊदी अरब, इटली, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और म्यांमार के लोगों से संपर्क में हैं। दोनों आरोपियों के पास से दो आधार कार्ड, चार चेक बुक, तीन डेबिट कार्ड, एक वोटर कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस, एक एंप्लॉय कार्ड, पांच बैंक पासबुक, पैन कार्ड व एक पासपोर्ट फाइल नंबर बरामद हुए हैं। फिलहाल यूपी एटीएस दोनों आरोपियों को लेकर लखनऊ गई है।
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