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इंटीग्रेटेड टाउनशिप होगी खास, घर-दफ्तर-स्कूल सबकुछ होगा आसपास

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मेरठ। प्रदेश की पहली इंटीग्रेटेड टाउनशिप हर मायने में बेहद खास होगी। इसमें घर, दफ्तर, स्कूल आदि और आधुनिक सुविधाएं होंगी। आवासीय के अलावा व्यावसायिक गतिविधियों पर फोकस किया गया है। इसमें 27 हेक्टेयर में ब्लॉक में कॉमर्शियल जोन विकसित किए जाएंगे। इसमें विदेश की तर्ज पर फ्लैटेड इंडस्ट्रीयल एस्टेट विकसित होंगे। इसमें 100 वर्ग मीटर के दफ्तर के हिसाब से 50 हजार दफ्तर बनाए जाएंगे। इनमें एक लाख 35 हजार कर्मचारी काम करेंगे। आईटी सेक्टर का भी केंद्र बनकर मेरठ उभरेगा। इसके लिए 20 हेक्टेयर क्षेत्र सुरक्षित रखा गया है।
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इस टाउनशिप की खासियत होगी कि शहर के साथ ही आसपास के जनपदों से भी यहां आना-जाना बेहद आसान होगा। आरआरटीएस स्टेशन, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे, मोहिउद्दीनपुर स्टेशन की दूरी यहां से महज डेढ़ किमी. रहेगी। सिटी स्टेशन से दस और परतापुर से चार किमी. की दूरी रहेगी। ऐसे में यहां तैयार सामान को बाजार भी सुलभता से मिलेगा। वहीं शताब्दीनगर से मोदीपुरम तक रैपिड का ट्रायल लगातार चल रहा है। दिल्ली व जेवर से कनेक्टिविटी से दुनियाभर में सामान निर्यात किया जा सकेगा। हाइवे के साथ ही परतापुर, गगोल आदि ग्रामीण क्षेत्रों से भी फीडर मार्ग के जरिए टाउनशिप जुड़ेगी।
मेडा की प्लानिंग के मुताबिक आईटी जोन में भी 50 हजार दफ्तर खोले जाएंगे, जिनमें एक लाख 66 हजार कर्मचारी काम करेंगे। ऐसे में तीन लाख से ज्यादा कर्मचारी यहां काम करेंगे। इसी के साथ 41 हजार 575 आवास बनाए जाएंगे जो एक लाख 85 हजार लोगों की घर की जरूरत पूरी करेंगे। वहीं आवास एवं विकास परिषद की ओर से गंगा एक्सप्रेस-वे और बिजली बंबा बाईपास के पास दस गांवों में प्रस्तावित टाउनशिप में 30 हजार आवास बनेंगे, जिसमें सवा लाख से अधिक लोग रह सकेंगे। इन टाउनशिप से करीब तीन लाख लोगों आवासीय जरूरत पूरी होगी। इसमें गोल्फ कोर्स, मल्टीप्लेक्स व शॉपिंग कांपलेक्स, इंडोर स्टेडियम, राइडिंग एरिना, थीम पार्क, मल्टीलेवल पार्किंग आदि भी होंगे।
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एनसीआर की आबादी का भार होगा कम
इंटीग्रेटेड टाउनशिप मेरठ की सूरत बदलकर रख देगी। मेडा की ओर से किए गए सर्वे के मुताबिक गुरुग्राम की एक प्रतिशत, फरीदाबाद की दो प्रतिशत, नोएडा की 5 प्रतिशत, ग्रेटर नोएडा की दो प्रतिशत, दिल्ली की एक प्रतिशत और गाजियाबाद की आठ फीसदी आबादी की घर की जरूरत भी मेरठ पूरा करेगा। न्यू टाउनशिप में कॉमर्शियल और आईटी सेक्टर के भी विकसित किया जाएगा।

फ्लैटेड फैक्टरी में होते हैं इस तरह के काम

मेडा उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना ने बताया कि फ्लैटेड फैक्टरी का कॅन्सेप्ट विदेशी है। इसके तहत फ्लैटनुमा बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया जाता है। इमारत के हर फ्लोर पर काम के हिसाब से स्ट्रक्चर तैयार किया जाता है जैसे जेम्स एंड ज्वेलरी, स्पोर्ट्स, कैंची, जूता सिलाई, रेडीमेड गारमेंट, इलेक्ट्रॉनिक-इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट, हैंडीक्राफ्ट, फैशन डिजाइन, आईटी सेक्टर से जुड़े केपीओ, बीपीओ, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डिजाइनिंग, असेंबलिंग की छोटी फैक्ट्रियां आदि। खास बात यह है कि फ्लैटेड फैक्ट्रियों में काम से जुड़े जरूरी संसाधन पहले से ही स्थापित होते हैं।
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