मेरठ। प्रयागराज और स्मार्ट शहरों की तर्ज पर मेरठ का विकास होगा। इंटीग्रेटिड डेवलपमेंट प्लान के लिए 14 हजार करोड़ रुपये के प्रस्ताव तैयार कर लिए गए हैं। इन प्रस्तावों को लेकर मंगलवार को कमिश्नर हृषिकेश भास्कर यशोद ने आयुक्त सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान सभी विभागीय अधिकारियों ने मेरठ के समग्र विकास को लेकर अपनी राय रखी। बैठक में नगर निगम ने साढ़े तीन करोड़ के अन्य प्रस्ताव भी कमिश्नर के सामने रखे। सभी प्रस्तावों को शीघ्र ही जनप्रतिनिधियों के सामने रख कर अंतिम रूप दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज की तर्ज पर मेरठ शहर को विकसित करने की घोषणा की थी। इस पर अब काम शुरू हो गया है। मंगलवार को हुई बैठक में शहर की सड़क, पेयजल, पार्क, पार्किंग, नाले, कूड़ा निस्तारण जैसी समस्त जरूरतों पर काम करने का निर्णय लिया गया है। कमिश्नर के निर्देश पर नगर निगम, एमडीए समेत सभी विभागों ने इंटीग्रेटिड डेवलपमेंट प्लान में अपने प्रस्ताव तैयार किए।
नगरायुक्त और उपाध्यक्ष ने ये प्रस्ताव रखे
नगरायुक्त सौरभ गंगवार ने जहां पार्किंग, सड़क, गोशाला, सॉलिड वेस्ट निस्तारण प्रोजेक्ट, सीवेज सिस्टम, पेयजल सुविधा, उपवन योजना, थीम पार्क, ट्रैफिक पार्क, डिजीटल लाइब्रेरी और काली नदी के सौंदर्यीकरण से संबंधित प्रस्ताव दिए हैं। वहीं एमडीए उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने पार्क, नौचंदी मेले में निर्माण कार्य, आउटर एवं इनर रिंग रोड, एलीवेटेड रोड, सड़क चौड़ीकरण, पार्किंग, बस शेल्टर, मेरठ की इंडस्ट्रीयल एवं आवासीय प्रगति, ज्वेलरी हब, ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण से संबंधित प्रस्ताव दिए।
इस संबंध में कमिश्नर हृषिकेश भास्कर यशोद ने बताया कि पूर्व में 11हजार करोड़ के प्रस्ताव तैयार किए गए थे। अब साढ़े तीन करोड़ के प्रस्ताव नगर निगम ने और दे दिए हैं। कुल मिलाकर 14 हजार करोड़ के प्रस्तावों पर मंथन हो चुका है। शीघ्र ही इन प्रस्तावों को लेकर जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करके सुझाव लिए जाएंगे। इस अवसर पर जिलाधिकारी डाॅ. वीके सिंह, सीडीओ नूपुर गोयल, अपर आयुक्त गरिमा सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन बलराम सिंह, एसपी ट्रैफिक राघवेन्द्र मिश्रा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
इन विभागों के अधूरे प्रस्ताव
कमिश्नर के निर्देश पर भी जल निगम, पर्यटन, लोक निर्माण विभाग, आवास विकास, एनएचएआई, वन विभाग, सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मेरठ के विकास से संबंधित अपने सभी प्रस्ताव नहीं दिए। जिसपर कमिश्नर ने नाराजगी जाते हुए शीघ्र प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।