विवादों में घिरी इंस्पेक्टर नरगिस खान को फिर से महिला थाने का चार्ज सौंपने की तैयारी अफसरों ने पूरी कर ली है। एसपी क्राइम की जांच में नरगिस को क्लीन चिट दे दी गई है। हालांकि इंस्पेक्टर के खिलाफ जांच कराना तो महज एक ड्रामा था। क्योंकि दो सप्ताह बाद भी महिला थाने का चार्ज किसी को नहीं दिया गया है।
मासूम बच्ची लक्ष्मी को महिला थाना द्वारा भीख मांगने वालों को सौंपना, ‘रिश्वत की बोली’ और सिपाही के हाथों जूते पहनने समेत कई आरोप इंस्पेक्टर नरगिस खान पर लगे। जूता प्रकरण में हाईकमान के निर्देश पर एसएसपी ने नरगिस खान को बीती 27 फरवरी को लाइन भेज दिया था। हालांकि नरगिस खान की सत्ताधारी नेताओं में अच्छी पकड़ है, यह बात पुलिस अधिकारी भी मान चुके हैं।
नरगिस खान को दोबारा से महिला थाने का चार्ज देने के लिए बड़ा खेल किया गया। नरगिस को मेडिकल पर जाने की बात कहकर महिला थाने में कार्यवाहक एसओ बबीता चौधरी को बनाया गया। इतना ही नहीं नरगिस के खिलाफ जांच भी एसपी क्राइम को सौंपी गई। एसपी क्राइम ने जूता प्रकरण में सिपाही अमन समेत अन्य पुलिसकर्मियों के बयान लेकर क्लीन चिट दे दी।
इतने बड़े ड्रामे के पीछे क्या राज
शासन ने एक सर्कुलर जारी किया कि एक थानाध्यक्ष को हटाने के बाद तीन महीने तक उसको चार्ज नहीं दे सकते हैं। इसको देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने नरगिस खान को महिला थाने से हटाने की बजाए उसको मेडिकल पर भेजना दर्शाया, ताकि मामला शांत होने के बाद उसको दोबारा से चार्ज सौंपा जाए। यही वजह है कि मात्र 21 दिन में पुलिस ने सारी प्रक्रिया पूरी कर ली। बस अब चार्ज देने की तैयारी है।
मैडम ही आएंगी थाने में
महिला थाने का चार्ज इंस्पेक्टर नरगिस खान के लिए सुरक्षित रखा हुआ है। इसकी चर्चा महिला थाने के स्टाफ में है। पुलिस सूत्रों की मानें तो कार्यवाहक एसओ बबीता चौधरी आज तक इंस्पेक्टर की कुर्सी पर नहीं बैठी। कार्यवाहक एसओ बबीता चौधरी का कहना है कि इंस्पेक्टर नरगिस खान के खिलाफ जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद उनको थाने की कमान संभालनी है।
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जूता प्रकरण की जांच मुझे सौंपी गई है। अब तक की जांच में इंस्पेक्टर नरगिस खान बेकसूर है। सिपाही समेत कई लोगों के बयान दर्ज हुए, जिसमें उन्होंने क्लीन चिट दी है। अब केवल इंस्पेक्टर नरगिस खान के बयान होना शेष है। उनके बयान के बाद रिपोर्ट एसएसपी को सौंपी जाएगी।- सहदेव सिंह, एसपी क्राइम