पल्लवपुरम थाने में तैनात दरोगा छत्रपाल को एंटी करप्शन टीम ने दस हजार की रिश्वत लेते किया था गिरफ्तार
- एसएसपी ने डीजीपी को भेजी दरोगा की बर्खास्तगी के लिए रिपोर्ट, निलंबन की पहले हो चुकी है कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। पल्लवपुरम थाने से रिश्वत लेने के मामले में एंटी करप्शन टीम द्वारा धरे गए दरोगा छत्रपाल का उच्च रक्तचाप चल रहा है। जिसका जेल में भी उपचार चल रहा है। वहीं रिश्ता टूटने के बाद से वह गम में डूबा हुआ है। एसएसपी अविनाश पांडेय ने डीजीपी को दरोगा की बर्खास्तगी के लिए रिपोर्ट भेजी है। निलंबन की पहले दरोगा के खिलाफ हो चुकी है।
बीते साल 17 नवंबर को पल्लवपुरम पुलिस ने 20 किलो 663 ग्राम गांजा के साथ देहरादून के नेहरू कॉलोनी निवासी दाउद, हरियाणा के यमुनानगर निवासी साहिल और मेडिकल थाने के कालियागढ़ी निवासी मनीष को गिरफ्तार किया था। मुकदमे में मनीष की पत्नी सीमा को भी आरोपी बनाया गया था। मुकदमे की विवेचना 2023 बैच के दरोगा छत्रपाल को दी गई थी। छत्रपाल बरेली के मीरगंज थाने के लवेड़ा दुर्गा प्रसाद गांव के रहने वाले हैं। जेल से छूटने के बाद मनीष ने दरोगा छत्रपाल से संपर्क किया। छत्रपाल ने मनीष को भरोसा दिलाया कि वह मुकदमे में उसकी पत्नी सीमा को क्लीनचिट दे देगा। इसके लिए उसने रिश्वत की मांग की। एंटी करप्शन टीम ने दस हजार रुपये की रिश्वत लेते दरोगा को गिरफ्तार कर लिया था। प्यारे लाल जिला अस्पताल में जब दरोगा का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया तो उसका उच्च रक्तचाप हो गया था। उसकी हालत बिगड़ गई थी। इसलिए जेल में भी उसका पूरा उपचार कराया जा रहा है। छत्रपाल की शादी जनपद के प्रभारी और प्रदेश के पशुधन, दुग्ध विकास व राजनीतिक पेंशन विभाग के मंत्री धर्मपाल सिंह की भतीजी से तय हुई थी। दरोगा के जेल जाने के बाद उन्होंने रिश्ता तोड़ दिया है। जिसके बाद वह जेल में भी तनाव में आ गया है।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि दरोगा की हालत जब पुलिस ने उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया था तब उच्च रक्तचाप होने से बिगड़ गई थी। उसका जेल में भी नियमानुसार उपचार कराया जा रहा है। वहीं एसएसपी अविनाश पांडेय ने दरोगा की बर्खास्तगी के लिए रिपोर्ट डीजीपी मुख्यालय को भेज दी है।