बिजनौर। गंभीर रूप से घायल बंदी को प्राथमिक उपचार के बाद रविवार को जिला कारागार के अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। आनन फानन में जिला अस्पताल से डिस्चार्ज करने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गाजियाबाद में करीब तीन साल पहले कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक को लूट और हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उक्त बंदी के एचआइवी पाजीटिव होने की वजह से तीन नवंबर 2023 को गाजियाबाद से बिजनौर जेल में भेज दिया गया था। शनिवार की सुबह बंदी ने किसी धारदार वस्तु से खुद पर वार करके घायल कर लिया। उधर रविवार को जिला अस्पताल से एड्स मरीज बंदी को गंभीर चोट होने के बाद भी जिला कारागार में शिफ्ट करा दिया गया।
बता दें कि ऐसे मरीज की ऑपरेशन थियेटर में सावधानी पूर्वक ड्रेसिंग करनी होती है, लेकिन इमरजेंसी में ही उसकी पट्टी की गई। उसकी गंभीर चोट को मेडिकल में खरोंच आना बताया जा रहा है। उधर, जेल में बंदी के पास धारदार वस्तु के होने से सवाल खड़े हो रहे हैं।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज सेन ने बताया कि अस्पताल में घायल हालत में बंदी आया था। सुरक्षा के साथ टांके भरकर मरीज का इलाज किया गया। एक दिन अस्पताल में भर्ती रखने के बाद जेल अस्पताल भेज दिया गया है। जहां डाक्टर की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। -