सूचना आयोग ने एसडीएम को नोटिस जारी किया
जवाब न देने पर पूछा क्यों न उनके खिलाफ अर्थदंड की कार्रवाई की जाएसंवाद न्यूज एजेंसी
फलावदा। मौजीपुरा में रास्ते की भूमि पर गांव मौजीपुरा के ग्रामीणों ने कब्जा कर अवरुद्ध कर दिया। गांव निवासी रविंद्र द्वारा शिकायत करने के बावजूद दो दशक से कब्जा नहीं हटने व सूचना का सही जवाब न देने का आरोप लगाया है। सूचना आयोग ने एसडीएम मवाना को आगामी तिथि पर आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने और सूचना नहीं देने पर क्यों न उनके विरुद्ध 25000 अर्थदंड अधिरोपित किया जाए।
गांव मौजीपुरा निवासी रविंद्र का कहना है कि गांव निवासी सुरेंद्र, भरत, पीतम, बालू, श्योराज, महेंद्र, रामरतन, कालू, मदन, अजीत, रणबीर, राजेंद्र आदि ने स्थायी रूप से मकान आगे बढ़ाकर सड़क पर अवैध कब्जा कर रखा है। इस कारण मुख्य मार्ग संकरा हो गया है। रविंद्र ने आरोप लगाया कि इसी मार्ग पर सुरेंद्र, शौराज, अजीत, रणबीर आदि अपनी बुग्गी और अन्य कृषि उपकरण खड़े रखते हैं। इस कारण रास्ते से गन्नों से लदे वाहनों का निकलना मुश्किल रहता है।
रविंद्र की शिकायत पर रास्ते से अवैध कब्जा हटाने के संबंध में वर्ष 2008 में तहसीलदार मवाना द्वारा धारा 120 बी के तहत आदेश पारित किए थे। रविंद्र का आरोप है राजस्व विभाग ने जुर्माना तो वसूला लेकिन अवैध कब्जा नहीं हटवाया। इसी क्रम में रविंद्र कुमार ने सूचना आयोग से इस प्रकरण में सूचना मांगी थी। सही सूचना उपलब्ध नहीं कराने पर आयुक्त ने नोटिस जारी कर उपजिलाधिकारी को आगामी तिथि पर आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए कहा है। साथ ही पूछा है कि क्यों ने सूचना नहीं देने पर अर्थदंड लगाया जाए। अब हरकत में आई राजस्व विभाग की टीम ने गांव मौजीपुरा के समस्त अवैध कब्जा धारियों को 10 दिन में अवैध कब्जा हटाने का नोटिस दिया है।