मेरठ। सुभारती विश्वविद्यालय के फाइन आर्ट विभाग में बुधवार को सुभारती सनातन संगम न्यास के अंतर्गत योग एवं ध्यान समन्वय कार्यक्रम आयोजित किया गया। शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, विशिष्ट अतिथि अजय गुप्ता, सुभारती समूह के संस्थापक डॉ अतुल कृष्णा, डाॅ. शल्या राजमुख्य कार्यकारी अधिकारी, कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार शर्मा, महानिदेशक डाॅ. जीके थपलियाल ने किया। मुख्य अतिथि डाॅ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने अपने संबोधन में कहा कि आज सनातन पर चारों ओर से हमले हो रहे हैं। सुभारती सनातन संगम न्यास के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्णा ने कहा कि भारतीय संस्कृति ही सनातन संस्कृति है। सनातन संगम न्यास का प्रतीक है। राष्ट्र के सभी लोगों को अपनी धार्मिक आस्था से ऊपर उठकर एकजुट होकर रहना होगा। डॉ. अतुल ने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ पर बोलते हुए कहा कि हमें अपने देश को आत्म-निर्भर बनाने के लिए विदेशी विशेषकर अमेरिकी वस्तुओं का प्रयोग बंद करके स्वदेशी वस्तुओं का उत्पादन एवं उपभोग बढाना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि मेरठ के प्रसिद्ध समाजसेवी अजय गुप्ता ने कहा कि सनातन संगम न्यास का यह प्रयास सराहनीय है। सुभारती समूह एवं सुभारती सनातन संगम न्यास के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्णा की पुस्तक जीवन तरंगिणी मेरी जीवन यात्रा भाग-तीन का लोकार्पण गया। मंच संचालन विश्वविद्यालय के लिबरल आर्टस एवं मानविकी विभाग की आचार्य डॉ. मोनिका मेहरोत्रा ने किया। कार्यक्रम में डाॅ. प्रदीप राघव, डाॅ. जीके थपलियाल, डाॅ. चंद्र कीर्ति, डाॅ. अभय शंकर गौडा, डाॅ. रविंद्र जैन, डाॅ. प्रमोद कुमार शर्मा, डाॅ. पिंटू मिश्रा, डाॅ. वैभव गोयल भारतीय, डाॅ. निखिल श्रीवास्तव, आरपी सिंह, डाॅ. रितेश चौधरी, डाॅ. गीता परंवदा, डाॅ. संदीप चौधरी आदि मौजूद रहे।