पुलिस की बैंककर्मियों से अभद्रता, शाखाएं बंद कराईं
मेरठ/मवाना। कोरोना महामारी के बीच बैंकों में व्यवस्था बनाने के लिए एसडीएम मवाना ने बैंक प्रबंधकों की शुक्रवार को बैठक बुलाई। इसके लिए थाना पुलिस को बैंक अधिकारियों को बुलाने के लिए निर्देशित किया गया। इस पर पुलिस को गलतफहमी हो गई। जिसके चलते उसने बैंक शाखाओं के बाहर मौजूद लोगों पर लाठियां फटकारीं। वहीं, प्रबंधक को जबरन गाड़ी में बैठाकर थाने ले गई तथा स्टाफ को कोरोना टेस्ट के नाम पर एंबुलेंस से प्राथमिक विद्यालय भेज दिया। इस पर बैंक अधिकारियों एवं बैंक यूनियन पदाधिकारियों ने पुलिस के व्यवहार की निंदा की है।
एसडीएम मवाना ऋषिराज ने पुलिस को आदेशित किया कि बैंक शाखाओं में व्यवस्था बनाने के लिए अधिकारियों के साथ तहसील सभागार में बैठक की जाए। बैंक अधिकारियों के अनुसार पुलिस ने शुक्रवार सुबह एक के बाद एक पीएनबी, ओबीसी, युनाइटेड बैंक समेत अन्य शाखाओं को बंद करा दिया। इतना ही नहीं ग्राहकों से अभद्रता की एवं लाठी फटकारीं। पीएनबी शाखा प्रबंधक अमित गुप्ता ने बताया कि उनकी ब्रांच में महज इंटरनल काम चल रहा था। इस पर पुलिस ने बैंक के बाहर अव्यवस्था के लिए स्टाफ को जिम्मेदार ठहराया और मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी। वहीं, मैनेजर समेत अन्य स्टाफ को एंबुलेंस में बैठने का दबाव बनाया। हंगामा बढ़ने पर मैनेजर को उनकी गाड़ी में मीटिंग में जाने की अनुमति दी गई। इस संबंध में बैंक मैनजर ने उच्च अधिकारियों से शिकायत की। स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक जेएस पटवाल, कोऑपरेटिव बैंक के प्रबंधक मोहम्मद नबीजान ने बताया कि अधिकारियों के आदेश पर शाखाएं खोली जा रही हैं। इस बाबत बैठक के दौरान एसडीएम को अवगत करा दिया। उधर, थाना प्रभारी राजेंद्र त्यागी का कहना है कि बैंकों के आगे भीड़ लगी थी। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जा रहा था। बैंकों के अंदर भी कर्मचारियों द्वारा नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। इस लापरवाही से कोई भी संक्रमित हो सकता है। वहीं, बैंक प्रबंधक को पुलिस की गाड़ी में बैठाकर थाने लाने से इनकार किया है।
ओबीसी स्टाफ को घंटों स्कूल में बैठाया
ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के एजीएम अरुण कुमार का कहना है कि मवाना शाखा के मैनेजर को पुलिस पहले थाना फिर एसडीएम के पास मीटिंग स्थल पर ले गई। अन्य स्टाफ को कोरोना टेस्ट के नाम पर घंटों प्राथमिक विद्यालय में बैठाए रखा। उन्होंने बताया कि बाद में अधिकारियों ने माना कि पुलिस को गलतफहमी हो जाने की वजह से समस्या हुई।
बैंक कर्मचारी यूनियनों ने की निंदा
इलाहाबाद बैंक स्टॉफ एसोसिएशन के सचिव ललित शर्मा ने कहा कि पुलिस द्वारा बैंक शाखाएं जबरन बंद कराना अनुचित है। मीटिंग में बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग का बैंक के बाहर भी पालन कराने की जिम्मेदारी बैंक की होगी। यह किसी भी हाल में संभव नहीं है। बैंक के बाहर व्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी पुलिस को ही उठानी होगी। उधर, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफेडरेशन के उत्तर प्रदेश के संगठनात्मक सचिव हरीश वाधवा ने बताया कि शहर में आईकार्ड दिखाने के बाद भी विभिन्न स्थानों पर कर्मियों से परमिशन मांगी जा रही है।
क्या बोले अधिकारी
एसडीएम मवाना ऋषिराज का कहना है कि महामारी से कुशलतापूर्वक निपटने के लिए बैंक अधिकारियों को मीटिंग के लिए बुलाया गया। उनसे व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुझाव मांगे गए। इतना ही नहीं उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजेशन एवं अन्य सावधानी बरतने के लिए निर्देशित किया गया। -ऋषिराज एसडीएम मवाना
बैंक अधिकारियों की बैठक
मेरठ। सीडीओ ईशा दुहन की अध्यक्षता में बैंक अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें 2020-21 के वार्षिक क्रेडिट प्लान की समीक्षा की गई। एलडीएम संजय कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत ग्रीन जोन में खाते खोले जाएंगे और ऋण भी निर्गत किया जाएगा। इस दौरान एसपी सिटी ने बैंकों के बाहर भी सावधानी बरतने पर बल दिया। उन्होंने बैंक अधिकारियों को आश्वस्त किया कि पुलिस का भरपूर सहयोग मिलेगा। यहां पीडी डीआरडीए भानु प्रताप सिंह आदि समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।