शहर में अधिकांश लोगों को गंगाजल उपलब्ध कराया जाना चाहिए। बैठक में नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार, जलकल के सहायक अभियंता लक्ष्मण सिंह, जल निगम के अधिशासी अभियंता मोहित वर्मा, सहायक अभियंता राजेन्द्र अग्रवाल, भाजपा नेता हर्ष गोयल, सिटी फोरम दिनेश सिंघल, रामपाल वर्मा, जागेश कुमार, दीपक सक्सेना, अरविंद रस्तोगी, कार्यकारी सचिव सुधांशु तिवारी आदि उपस्थित रहे।
इन बिंदु पर हुई चर्चा
भोला की झाल स्थित गंगनहर पर 100 एमएलडी का प्लांट लगाया हुआ है। जहां से गंगाजल शहर में सप्लाई होता है। गंगाजल प्लांट के रखरखाव, रिसाइकलिंग की तीन मोटर खराब हैं। अत्याधिक पानी व्यर्थ जा रहा है। मिक्सर गियर बॉक्स और बेरिंगस लुबरीकेशन भी नहीं किया जा रहा है। प्री-क्लोरीनेटर के दोनों पम्प खराब है। क्लोरीनेटर के बाद प्री-क्लोरीनेटर पंप चल रहा है। शोधित जल की पंपिंग के लिए लगे तीन पंप में से सिर्फ एक पम्प चल रहा है। स्लज निकालने में समस्या है। 100 एमएलडी से कुल 50 एमएलडी जल ही उपयोग में आ है।
सात साल से पहले रोशनपुर डौरली का अवर जलाशय अनुपयोगी है। खडौली का अवर जलाशय भी गत वर्ष से ही उपयोग में आया फोरम द्वारा यह विषय वर्ष 2020 में प्रकाशित अपनी सोशल ऑडिट रिपोर्ट में भी उठाया गया था। इन अवर जलाशयों के निर्माण पर किया गया व्यय अभी भी अनुपयोगी है। काशी और नंगलाताशी सहित इन चारो स्थानों जल वितरण प्रणाली डूडा द्वारा बिछाई गई थी। जल संयोजन होते ही पाइप लाइन फट जाती है।