उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने कहा कि देश में घट रही मॉब लिंचिंग की घटनाएं हिंदुस्तान की संस्कृति पर धब्बा हैं। केंद्र और राज्य सरकार इन पर रोक लगाने के लिए तत्काल कठोर कदम उठाएं।
देहरादून से दिल्ली जाते वक्त रविवार को छुटमलपुर में उत्तराखंड सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विकास निगम के पूर्व निदेशक मौ मुजतबा के निवास पर पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि देश का इतिहास और संस्कृति गौरवशाली है।
हिंदुस्तान ने सदा साझी विरासत और धार्मिक सहिष्णुता का संदेश विश्व के दूसरे देशों को भी देने का काम किया है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से देश के विभिन्न हिस्सों में घट रही भीड़ हिंसा की घटनाएं चिंता की बात है।
इन घटनाओं ने विश्व पलट पर देश की छवि को खराब करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा का दम भरने वाली योगी सरकार के शासन काल में हुए उन्नाव दुष्कर्म कांड से पूरा देश शर्मसार है। उन्होंने कहा कि सरकार को इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास देश के लिए कुर्बानियों से भरा पड़ा है। कांग्रेसी किसी भी स्तर पर हताश और निराश न हों और जनता के बीच जा कर भाजपा की कुनीतियों से लोगों को अवगत कराएं।
इससे पूर्व यहां पहुंचने पर मौ मुजतबा एडवोकेट, प्रधान नासिर अली, चौ मनोज, चौ बबलू, अब्दुल हसीब, चौ पदम सिंह, राव यूसुफ, राव शहजाद, फरमान मलिक, चौ धर्मेंद्र, महबूब तल्हेड़ी, मौ सिराज आदि ने माल्यार्पण कर हरीश रावत का स्वागत किया।