बूढ़ी गंगा स्नान मेले का उद्घाटन
हस्तिनापुर। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर बूढ़ी गंगा किनारे लगने वाले दो दिवसीय गंगा स्नान मेले का नगर पंचायत चेयरमैन व नगर पंचायत के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से उद्घाटन किया।
ऐतिहासिक नगरी हस्तिनापुर में बूढ़ी गंगा किनारे लगने वाले मेले का नगर पंचायत के चेयरमैन अरुण कुमार ने फीता काटकर उद्घाटन किया। इस अवसर पर चेयरमैन अरुण कुमार ने कहा कि मेले को पॉलिथीन मुक्त रखा गया है। सफाई का नगर पंचायत द्वारा विशेष ध्यान रखा जाएगा। मेला परिसर में गंदगी फैलाने वाले लोगों पर जुर्माना होगा। इस अवसर पर नगर पंचायत के लेखा लिपिक अनिल कुमार विश्नोई ने कहा कि नगर पंचायत ने मेले में आए सभी श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध पेयजल, सार्वजनिक शौचालय एवं प्रकाश आदि की व्यवस्था की। इसके बाद चेयरमैन अरुण कुमार ने नगर पंचायत के अधिकारियों और सभासदों के साथ घाटों का निरीक्षण किया। गंगा में दीपदान करने का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। इस अवसर पर नगर पंचायत के सौरव कुमार चौबे, संजय जीनरवाल, रजनीश कर्णवाल, गौरव गुर्जर, सुदर्शन पहावा आदि समेत सभी सभासद मौजूद रहे।
गंगा में स्नान कर दान पुण्य किया
हस्तिनापुर। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने बूढ़ी गंगा घाट पर स्नान करके दान-पुण्य किया। माना जाता है कि यहां स्नान करने से ब्रह्मदेव प्रसन्न होते हैं। जिससे जीवन में खुशहाली आती है। हजारों श्रद्धालुओं ने सोमवार देररात बूढ़ी गंगा में डुबकी लगाई। हर तरफ हर-हर गंगे एवं गंगा मां की जय के जयकारे गूंजते रहे।
मान्यता है कि सच्चे मन से गंगा में स्नान करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान के बाद गरीबों को अन्न, वस्त्र एवं पैसा आदि दान करने से महापुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन ब्रह्मा के मंदिर में श्रद्धालु दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से स्नान कराते हैं। इसके अतिरिक्त पूजा-अर्चना कर पुरोहितों को दान किया। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा के पवित्र तट पर मेले का भी आयोजन किया गया। गंगा किनारे चार दिवसीय कार्तिक पूर्णिमा मेला पूरे शबाब पर है। यहां कलाकार अपनी कलाकृतियों एवं सामानों को बेचने आते हैं। यहां दीपदान का भी विशेष महत्व है।