दौराला। सर श्रीराम इंटर कॉलेज के मैदान पर चल रही रामलीला में अंगद-रावण प्रसंग का मंचन किया गया। इसमें अंगद ने रावण की सभा में पैर जमाकर युद्ध की घोषणा की।
भगवान श्रीराम ने अंगद को दूत बनाकर रावण के दरबार भेजा। अंगद ने रावण से माता सीता को लौटाने और युद्ध टालने का संदेश दिया। अहंकारी रावण ने उनकी बात मानने से इन्कार कर दिया। इसके बाद अंगद ने रावण की सभा में अपना पैर जमाया। उन्होंने चुनौती दी कि कोई उनका पैर हटा दे तो श्रीराम हार मान लेंगे। रावण के योद्धा अंगद का पैर हटाने में असफल रहे। कलाकारों ने इस प्रसंग से अहंकार के दुष्परिणाम और सत्य की शक्ति का संदेश दिया। संयोजक भूपेंद्र सिंह और अध्यक्ष ओंकार सिंह ने बताया कि रामलीला श्रीराम के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा देती है।