मेरठ। कोरोना काल मे कार्यालयों में कार्य के तरीकों में भी बदलाव कर दिया गया है। आम जनता से मिलने से लेकर फाइलों के आदान प्रदान में भी सावधानी बरती जा रही है। ऐस में कोरोना से बचने के लिए मेरठ विकास प्राधिकरण में भी इंतजाम कर लिए गए हैं। यहां फाइलों को अल्ट्रावायलेट बॉक्स के जरिये सैनिटाइज किया जा रहा है। इतना ही नहीं लोगों की समस्या सुनने के लिए अलग से अस्थाई कार्यालय बनाया जा रहा है।
दरअसल एमडीए कार्यालय में फाइल को किसी भी अधिकारी के पास भेजने से पहले दस मिनट तक बॉक्स में रखरकर संक्रमणमुक्त किया जाता है। इसके बाद फ़ाइल को अधिकारी के पास भेजा जाता है। जिससे संक्रमण का खतरा कम किया जा सके। इस बॉक्स को उपाध्यक्ष के अलावा स्टेनो, सचिव, डाक आदि में उपयोग करने के लिए कहा गया है। यहीं से ही सबसे अधिक फाइल उपाध्यक्ष सहित अन्य अधिकारियों के पास पहुंचती है।
ये है यूवी-सी बॉक्स
इस बॉक्स में 254 नैनो मीटर की वेवलेंथ वायरस को नष्ट कर देती है। अल्ट्रावायलेट किरणों से कोरोना वायरस का आरएनए खत्म हो जाता है और फाइल 5 मिनट में संक्रमण मुक्त हो जाती है।
बाहरी लोगों के लिए अस्थाई कार्यालय
वहीं, एमडीए में कोरोना के खतरे को देखते हुए अब तक लोगों की समस्याओं को सुना नही जा रहा है। जिसको देखते हुए एमडीए परिसर में स्थित पार्किंग स्पेस के पास अस्थाई कार्यालय तैयार किया जा रहा है। वहीं, अगर कोई गम्भीर समस्या है तो इसके लिए उपाध्यक्ष से संपर्क किया जा सकता है। इसको बनाने के लिए मेकेनिक लगे हुए है। अगले तीन-चार दिन में ये बनकर तैयार हो जाएगा। जिसके बाद जनता दर्शन भी शुरू हो जाएगा।
कार्यालय कल्चर में बदलाव लाना जरूरी है। इसी को देखते हुए ऐसा किया जा रहा है। पहले हमने तापमान के लिए सेंसर युक्त कैमरा लगवाया। अब सुरक्षा के लिए और कार्य कर रहे हैं। - राजेश कुमार पांडेय, उपाध्यक्ष, एमडीए