ऐतिहासिक नगरी के मंदिर विवादों को लेकर चर्चा में
हस्तिनापुर। ऐतिहासिक नगरी सहित आसपास के क्षेत्र के मंदिर पिछले दिनों से चर्चा का विषय बने हुए हैं। किसी में गद्दी को लेकर विवाद रहा तो किसी में अवैध तरीके से कब्जे का विवाद चल रहा है। वहीं, अब प्राचीन पांडेश्वर महादेव मंदिर में शिवलिंग स्थापित करने की चर्चा क्षेत्र में जोरों पर चल रही है।
ऐतिहासिक नगरी में मध्य गंग नहर किनारे स्थित मां भद्रकाली सिद्ध पीठ मंदिर गत वर्षों में काफी चर्चा में रहा। यहां पुरी पंथ और गिरी पंथ के लोगों में मंदिर की गद्दी को लेकर काफी लंबा विवाद चला। प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मंदिर को खंड विकास अधिकारी के सुपुर्द कर दिया गया। जिसके बाद से आज तक भद्रकाली सिद्ध पीठ मंदिर के विकास कार्य और सभी जिम्मेदारी खंड विकास अधिकारी हस्तिनापुर की है।
गत महीने कस्बे की मखदूमपुर कॉलोनी में शिव मंदिर का विवाद सामने आया। कॉलोनी के लोगों ने एसडीएम और डीएम तक कई बार मंदिर पर अवैध व्यक्ति द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत की, जिस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। मंगलवार को प्राचीन पांडेश्वर मंदिर में शिवलिंग के ऊपर दूसरा शिवलिंग स्थापित किए जाने का मामला प्रकाश में आया, जिससे लोगों में रोष फैल गया। पुलिस ने मंदिर पहुंचकर स्थापित शिवलिंग को हटवाया। लोगों का कहना है कि आखिर ऐतिहासिक नगरी में मौजूद प्राचीन मंदिरों को लेकर विवाद खडे़ करने से लोगों की मंशा क्या है। कहीं इन मंदिरों पर कब्जा करने का प्रयास तो नहीं किया जा रहा। जबकि यह मंदिर हमारी संस्कृति की प्राचीन धरोहर हैं। पुरातत्व विभाग और पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी इस मंदिर की देखरेख की भी है।