मेरठ। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का कार्य दिसंबर-2020 तक पूरा करने के आदेश के बाद एनएचएआई और जीआर इंफ्रा के अधिकारियों में हलचल मची हुई है। इस बाबत संयुक्त तौर पर बृहस्पतिवार को उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें हर हाल में दिसंबर-2020 तक कार्य पूरा करने के निर्देश कार्यदायी संस्था जीआर इंफ्रा को दिया। इसके लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती एवं मशीनें बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। जिससे निर्धारित समय पर कार्य पूरा किया जा सके। इस बैठक में एनएचएआई के परियोजना निदेशक मुदित गर्ग, एनएचएआई के सदस्य मनोज कुमार, जीआर इंफ्रा के वाइस प्रेसीडेंट भी मौजूद रहे।
अभी दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के चौथे चरण डासना से मेरठ तक कार्य बचा हुआ है। एनएचएआई के मुताबिक 73 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। बारिश, किसान और कोरोना के चलते कार्य में व्यवधान हुआ है। हालांकि, बृहस्पतिवार को परतापुर इंटरचेंज पर बारिश का पानी निकालने के लिए मोटर लगाया गया। जिससे आगे का कार्य किया जा सके। अब दिन-रात कार्य करने के लिए श्रमिकों को दो शिफ्ट में लगाया जाएगा। जिससे तेज गति से कार्य चल सके।