कनौड़ा गांव में बाहरी छोर स्थित तालाब के किनारे खेल रहे बारह वर्षीय बालक का अचानक पैर फिसल गया। जिसके चलते वह तालाब में गिर गया। उसे डूबते देख अन्य बच्चों ने शोर मचाया तो ग्रामीण एकत्रित हो गए। उन्होंने बच्चे को किसी तरह तालाब से बाहर निकाला। उसकी उपचार के लिए ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई।
कनौड़ा निवासी महेश का पुत्र शुभम गांव की प्राइमरी पाठशाला में कक्षा पांच का छात्र था। वह मंगलवार दोपहर में गांव के बाहरी छोर स्थित तालाब के किनारे खेल रहा था। इसी दौरान वह पैर फिसलने से तालाब में जा गिरा। जिसे देख तालाब के निकट बने मकानों की छत पर खेल रहे बच्चों ने शोर मचा दिया।
इस पर ग्रामीण तालाब की ओर दौड़े। उन्होंने किसी तरह शुभम को तालाब से बाहर निकाला। परिजन बच्चे को उपचार के लिए अस्पताल ले जाने लगे मगर उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। हादसे की जानकारी पाकर स्थानीय पुलिस भी पहुंच गई। हालांकि परिजनों ने बिना पुलिस कार्रवाई के बालक का अंतिम संस्कार कर दिया।
परिजनों को सांत्वना दी
सपा नेता अतुल प्रधान मृतक शुभम के घर पहुंचे और पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी। वहीं, हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने पीड़ित परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि प्रशासन स्तर से भी मदद कराई जा रही है।
मां का रो-रोकर बुरा हाल
बालक शुभम का पिता महेश मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करता है। उसका बड़ा बेटा सौरभ है। छोटा बेटा शुभम था। महेश की पत्नी सीमा आंगनबाड़ी कार्यकत्री है। शुभम की मौत से सीमा का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार बेहोश हो रही थी। वहीं, सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है। हादसे के बाद से महेश भी बेसुध है।
वर्जन
कनौड़ा गांव में बालक के तालाब में डूबने की जानकारी मिली थी। इस पर पुलिस वहां गई और शव को कब्जे में लिया। परिजनों द्वारा कार्रवाई करने से इनकार करने पर शव उनके सुपुर्द कर दिया। -परशुराम, इंस्पेक्टर दौराला