जामा मस्जिद में एकत्र हुए इमाम
- फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में बुढ़ाना थानाक्षेत्र में समाज में हो रहे फिजूलखर्ची को लेकर उमरपुर गांव की जामा मस्जिद में एकत्र हुए इमामों की बैठक में फैसला लिया गया कि जिस निकाह में बैंड बाजा बजेगा उसमें वे निकाह नहीं पढ़ाएंगे। बैठक में सामाजिक बुराइयां दूर करने पर भी चर्चा हुई।
क्षेत्र के गांव उमरपुर की जामा मस्जिद में क्षेत्र के इमाम एकत्र हुए। इस मौके पर आयोजित बैठक में समाज में बढ़ते फिजूलखर्चे और सामाजिक बुराइयों पर विचार विमर्श हुआ।
बैठक में मौलाना मोहम्मद सैफुल्लाह मजाहिरी ने कहा कि उनके समाज में निकाह आदि की रस्म के दौरान नाचगाना, बैंडबाजा, डीजे बजाना व आतिशबाजी आदि का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। पर्दे का एहतराम नहीं होता है।
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सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जिस निकाह में बैंडबाजा आदि बजेगा, फिजूल खर्ची की जाएगी व पर्दे का एहतराम नहीं होगा वहां पर वे निकाह में शिरकत नहीं करेंगे। इमाम निकाह नहीं पढ़ाएंगे।
बैठक में सामाजिक बुराइयां दूर करने पर भी चर्चा हुई।
युवाओं व युवतियों से सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर ऊंची तालीम प्राप्त करने का आह्वान किया। मौके पर अब्दुल्लाह कासमी, कारी मौहम्मद उस्मान, हाफिज महबूब, मौ. मुस्तफा, हाफिज मुर्तजा, कारी इमरान, कारी शाहनवाज इमाम मौजूद रहे।
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