आईएस से जुड़े संदिग्ध नईम निवासी राधना किठौर, अफसार निवासी जिसोरा मुंडाली व अमरोहा के सुहेल समेत आठ लोगों को एनआईए ने रिमांड पर लिया है। आरोपी नईम, अफसार, सुहेल समेत कई लोगों ने रिमांड पर एनआईए को सुबूत दिए है। इससे साबित हुआ कि आईएस के वेस्ट यूपी के प्रति कितने खतरनाक मंसूबे हैं।
पुलिस कर रही लापरवाही
आईएस का अवैध हथियार बनाने व सप्लायरों से कनेक्शन है। इसकी पुष्टि सुरक्षा एजेंसियों की जांच पड़ताल में हुई। इतना बड़ा खुलासा होने के बावजूद भी पुलिस एक्टिव नहीं हुई। हथियार सप्लायरों की कार्यशैली को लेकर पुलिस भी कठघरे में खड़ी है।
संदिग्धों के खुलने लगे कारनामे
एनआईए ने हथियार सप्लायरों की कुंडली खंगाली तो संदिग्ध लोगों के कारनामों की परतें खुलने लगी हैं। मेरठ के राधना, जिसोरा, अजराडा, हर्रा, खिवाई और सरधना समेत कई जगह का रिकार्ड एनआईए ने खंगाला है। जहां पर अवैध हथियार बनते हैं। एनआईए के रडार पर आने पर इन गांवों के संदिग्ध लोगों में बेचैनी हो गई है।
आईएस से जुड़ने के शक में संदिग्ध नईम की गिरफ्तारी होने पर राधना गांव के मुस्लिम समाज के कुछ लोगों में आक्रोश है। रविवार को राधना में पंचायत हुई। इसमें हथियार सप्लायरों का बहिष्कार करने का एलान किया गया। पंचायत के बाद गांव में लोग दो फाड़ हो गए। आरोप लगाया है कि गोकशी के मामले में पुलिस ने कई बेकसूर जेल भेजे। इसको लेकर कभी आपत्ति नहीं हुई। अब हथियार सप्लायरों पर शिकंजा कसा गया तो कुछ लोग उनको बेकसूर बताने में लगे हैं।
चल रही गोपनीय जांच
हथियार बनाने की कई फैक्टरी पुलिस ने पकड़ी हैं। कई लोगों को पुलिस पहले भी जेल भेज चुकी है। एनआईए की गोपनीय जांच चल रही है। उनके पास कुछ इनपुट भी हैं। हथियार सप्लायर एनआईए के टारगेट पर हैं। पुलिस हस्तक्षेप नहीं करेगी।
-अखिलेश कुमार, डीआईजी
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