रात गहराते ही खनन माफिया सक्रिय
रात के 10 बजते ही खेतों में जेसीबी मशीन उतर जाती हैं और आधी रात के बाद 3 बजे तक खनन चलता है। तड़के चार बजे तक मिट्टी से भरे डंफर मिट्टी तय स्थानों पर डालने के बाद गायब हो जाते हैं। इस दौरान संबंधित थाना क्षेत्रों की पुलिस के साथ ही रात में यूपी 100 पुलिस भी इन मिट्टी से भरे डंफरों से उगाही करती है।
अमर उजाला ने पकड़ा खेल
अमर उजाला टीम ने इस खनन की पड़ताल की। जिसमें सोमवार रात को ही गंगानगर में गंगासागर कॉलोनी के बाहर एक मिट्टी से भरे डंफर को पुलिस की गाड़ी रोके हुए थी। यह क्षेत्र भावनपुर थाना क्षेत्र में आता है। अमर उजाला टीम की गाड़ी के रुकते ही पुलिस की जीप वहां से हट गई। जब अमर उजाला रिपोर्टर ने मिट्टी से भरे डंफर के फोटो किए तो जीप के ड्राइवर ने फोटो खींचने का कारण पूछा, जवाब मिलने पर उसने भी कार्रवाई के लिए रोके जाने की बात कही। लेकिन यह डंफर मंगलवार को भावनपुर थाने में नजर नहीं आया।
खेत बना दिए तालाब
मिट्टी खनन कितने बड़े स्तर पर हो रहा है, इसकी स्थिति का पता उन खेतों को देखकर लगाया जा सकता है, जहां खनन हो चुका है या हो रहा है। यही नहीं, खनन माफिया मिट्टी खनन कर मिट्टी का स्टॉक भी कर रहे हैं। अमर उजाला ने इन सभी ठिकानों को अपने कैमरे में पड़ताल के दौरान कैद किया।
और ज्यादा सख्ती होगी
मैंने पिछले दिनों रात में खुद कई मार्गों पर निरीक्षण किया था। इस दौरान कुछ डंफर मिले थे, जिन पर कार्रवाई तय कराई थी। अब इस मामले में और ज्यादा सख्ती होगी। अनुमति वाले खेत की भी क्रॉस जांच कराई जाएगी। -सुभाष चंद्र प्रजापति, एडीएम वित्त/राजस्व व खनन प्रभारी