सरधना। तहसील परिसर में स्थित उप डाकघर में आधार कार्ड बनाने व बायोमेट्रिक अपडेट किए जाने का केंद्र संचालित है। ग्रामीणों ने अवैध वसूली करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। साथ ही डाकघर में तैनात कर्मचारियों पर 200 रुपये लेने व निशुल्क फार्म भी 20 रुपये में देने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।
शासन के निर्देश पर डाकघरों में नए आधार कार्ड बनाने और आधार में संशोधन व बायोमेट्रिक अपडेट करने का काम किया जा रहा है। इसके तहत सरधना तहसील परिसर स्थित उप डाकघर में आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। डाकघर में रोजाना आधार कार्ड बनवाने और त्रुटियों का संशोधन कराने के लिए दर्जनों लोग आते हैं। बुधवार को डाकघर पर आधार बनवाने पहुंचे लोगों ने कर्मियों और आधार बना रहे लोगों पर अवैध वसूली करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
लोगों का कहना है कि विभिन्न योजनाओं में आधार कार्ड की आवश्यकता पड़ती है। इसके चलते लोगों को आधार बनवाना पड़ रहा है। इसका फायदा उठाकर डाक विभाग के कर्मचारी कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर अवैध वसूली कर रहे हैं। राशन कार्ड में नाम न कटे, इसके लिए बायोमेट्रिक अपडेट कराने के लिए भीड़ लग रही है। एक महीने के बाद का नंबर बताने पर मजबूरन लोगों को पैसा देना पड़ रहा है। नहीं तो सर्वर डाउन होने अथवा कोई और बहाना बनाकर उन्हें टरका दिया जाता है।
ग्रामीण मुस्तकीम, शहाना, संजीव, महिपाल, शाहनुमा, मिथलेश, गुलफ्शा आदि ने बताया कि सही शुल्क लेने की बात कहते हैं तो कर्मचारी सीधे मुंह बात न करके उन्हें आधार कार्ड न बनाने की धमकी देते हैं। इसे लेकर काफी संख्या में ग्रामीण डाकघर पहुंचे और अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों ने बताया कि आधार कार्ड बनवाने के लिए डाकघर में एक दिन में केवल दस आधार ही बनाए जा रहे हैं। इस कारण लोगों का नंबर एक-एक महीने बाद आता है। सरकार द्वारा आधार कार्ड संशोधन का शुल्क कुल 50 रुपये निर्धारित किया गया है। जल्दी नंबर लगाने के एवज में 200 रुपयेे की वसूली की जा रही है।
वर्जन...
तहसील परिसर में स्थित उप डाकघर में आधार बायोमेट्रिक अपडेट के नाम पर अधिक फीस लेने का मामला संज्ञान में नहीं है। बृहस्पतिवार को डाकघर के आधार सेंटर का निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी। -महेश प्रसाद दीक्षित, एसडीएम, सरधना
-फोटो 62 : धूप निकली तो स्टेडियम में खेलने पहुंचे युवा व बच्चे। संवाद