सोशल मीडिया पर दिखाते थे हथियार
जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य सामाजिक माध्यमों पर हथियारों की छोटी चलचित्र बनाकर ग्राहकों को दिखाते थे। ग्राहक पसंद बताने के बाद सौदा तय होता था। इसके बाद हथियारों की आपूर्ति की जाती थी।
पुलिस के अनुसार गिरोह दस हजार रुपये में तमंचा और चालीस से पचास हजार रुपये के बीच पिस्टल बेचा करता था। पुलिस ने मौके से एक पिस्टल, एक तमंचा, ग्यारह अधनिर्मित मैगजीन, पिस्टल की नाल सहित दस से अधिक अधबने हथियार बरामद किए हैं।
पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों के विरुद्ध गिरोहबंद अपराध की कार्रवाई करते हुए संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।