कोरोना संक्रमण से संकट की घड़ी में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) 5 लाख प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देगी। संक्रमण काल में अपने गृह जनपद वापस आए व रास्ते में फंसे मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट आ खड़ा हुआ है। इन प्रवासी मजदूरों के पास न काम है और न ही गुजारे के लिए पैसा। इन श्रमिकों की कार्यकुशलता का इस्तेमाल करते हुए आईआईए इन्हें रोजगार देगी। साथ ही इन्हें आय के अन्य संसाधनों से जोड़ेगी।
बुधवार को आईआईए के साथ प्रमुख सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल ने वेबिनार पर वार्ता की और प्रदेश के हर जिले में प्रवासी श्रमिकों को आईआईए द्वारा रोजगार उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने कहा, जो मजदूर जिस जिले के हैं, उसे वहीं रोजगार मिले। अगर वह फैक्ट्री में काम नहीं कर सकता तो उद्यमी मिलकर उसे किसी काम से जोड़ें। सब्जी बेचना, फल बेचना या अन्य कोई भी काम उसे शुरू करा सकते हैं। मेरठ में आईआईए पदाधिकारियों ने भी वेबिनार में भाग लिया। वार्ता में उद्यमियों ने प्रमुख सचिव के सामने अपनी समस्याएं भी रखी।
गांवों में खुलेंगे रोजगार के अवसर
आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने बताया कि आईआईए गांव में रोजगार के नए अवसर प्रारंभ करने जा रहा है। गांव में जैविक उत्पादों, फूड एंड बेवरेज, हस्तशिल्प, हथकरघा सहित अन्य जो भी काम, उद्योग शुरू हो सकते हैं, उन्हें शुरू कराया जाएगा। इनसे गांव के व्यक्ति को ही जोड़ा जाएगा। ताकि पलायन होकर आए मजदूरों को अपने गांव में ही काम मिल जाए। गांव में फैक्टरी खोलने को जमीन का संकट भी नहीं हैं।
आईआईए का पोर्टल बनेगा
पंकज गुप्ता ने बताया कि आईआईए अपने पोर्टल पर रोजगार संबंधी समस्या को दूर करने के लिए काम शुरू कर चुका है। आईआईए के पोर्टल पर श्रमिकों की पूरी सूची, उनके गांव, निवास स्थान, कार्यकुशलता व अब तक के कार्य अनुभव के साथ उपलब्ध होगी। संबंधित कंपनियां जिन्हें भी अपने क्षेत्र में कामगारों की जरूरत है, वह इस पोर्टल के माध्यम से उन श्रमिकों से संपर्क कर उन्हें रोजगार दे सकती हैं। इसी पोर्टल से प्रवासी मजदूरों को जोड़कर उन्हें रोजगार दिया जाएगा।
बैंक नहीं कर रहे सहयोग
आईआईए मेरठ के अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल ने बताया कि प्रमुख सचिव के सामने उद्यमियों ने अपनी तमाम समस्याएं रखी हैं। जिसमें मांग और आपूर्ति की चेन का टूटना, उद्यमियों के सामने कैश क्रंच की स्थिति, श्रमिकों की कमी, कुशल कामगारों के अभाव में उत्पादन शुरू न हो पाना, बिजली बिलों में कोई छूट ना मिलना, बैंकों द्वारा ऋण संबंधी योजनाओं की जानकारी ना देना, ब्याज दरों में कमी न करना, सरकार व कारपोरेट सेक्टर पर एमएसएमई के लंबित भुगतान से आ रही समस्या आदि पर वार्तालाप हुआ। प्रमुख सचिव ने उद्यमियों से कहा कि जल्द ही बैंकों और आईआईए पदाधिकारियों के साथ अगली वेबिनार होगी।