फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पांच जून तक फीस जमा नहीं की तो कटेगा नाम

विज्ञापन
विज्ञापन
पांच जून तक फीस जमा नहीं की तो कटेगा नाम
विज्ञापन

- ऋषभ एकेडमी ने जारी किया छात्रों को नोटिस
मेरठ। ऋषभ एकडेमी स्कूल की ओर से विद्यार्थियों को नोटिस जारी किया है कि 5 जून तक फीस जमा नहीं की तो स्कूल से नाम काट दिया जाएगा। स्कूल की ओर से यह मैसेज सभी छात्र-छात्राओं को भेज दिया गया है। स्कूल प्रबंधन सचिव रणजीत जैन ने मैसेज में बताया कि सभी छात्र-छात्रा, अभिभावकगण, संरक्षकों को सूचित किया जाता है कि आपको बार बार लिखित, मौखिक, फोन पर या अध्यापकों के माध्यम से फीस के संबंध में अवगत कराया गया है। जिन छात्र-छात्राओं की पिछले सत्र फरवरी मार्च और इस सत्र में अप्रैल मई की फीस जमा नहीं है। उन छात्र-छात्राओं के नाम 5 जून तक फीस जमा नहीं करने पर काट दिए जाएंगे। जिसके लिए विद्यालय प्रशासन की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। फीस जमा करने का दबाव नहीं बनाने के आदेश को धता बताते हुए स्कूल प्रबंधन ने नाम काटने की धमकी दी है। इस संबंध में प्रबंध सचिव रंजीत जैन का कहना है कि 60-70 छात्रों पर पिछले सत्र की फीस बकाया है जो लॉकडाउन से पहले की है। उसी फीस को जमा करने के लिए अभिभावकों को कहा है। नाम काटने की धमकी उसी पुरानी फीस के लिए है, लेकिन नाम किसी छात्र का नहीं काटेंगे। उधर स्कूल के इस नोटिस के बाद अभिभावक संघ ने मुख्यमंत्री और प्रशासन से स्कूल की मान्यता रद्द करवाने की गुहार लगाई है। जिससे अभिभावकों का शोषण बचे।
तीन माह की फीस माफ की
मेरठ। कोरोना काल में पब्लिक स्कूल की फीस माफी के लिए अभिभावक संघ के अभियान से प्रेरित होकर सन लाइट पब्लिक स्कूल रिठानी मेरठ ने 3 माह की फीस माफी की घोषणा की है। स्कूल प्रबंधक राहुल शर्मा, प्रधानाचार्य अरुण शर्मा ने बैठक कर यह निर्णय लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऑनलाइन पढ़ाई का करो बहिष्कार
मेरठ। पब्लिक स्कूलों की मनमानी ओर तानाशाही रोकने के लिए अभिभावक संघ ने अभिभावकों से अपील की है कि ऑनलाइन पढ़ाई का बहिष्कार करो। पब्लिक स्कूल अभिभावक संघ के संयोजक कपिलराज शर्मा ने कहा है कि इस अभियान में अधिक से अधिक अभिभावक सहयोग दें। वहीं ऋषभ एकेडमी द्वारा छात्र को फीस का नोटिस देने का भी विरोध किया है। स्कूल का नोटिस सरकार और जनविरोधी नीति को दर्शाता है। अभिभावक संघ ने मुख्यमंत्री और जिला अधिकारी मेरठ से मांग की है कि ऋषभ एकेडमी स्कूल के संचालक और प्रधानाचार्य के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए और स्कूल की मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई की जाए। यह भी जांच करवाई जाए कि लॉकडाउन में भी फीस लेने के लिए इन स्कूलों खोलने की अनुमति किससे प्राप्त की है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें