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कुत्ता मांस नोच ले तो जिला अस्पताल में इलाज नहीं

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मेरठ। कुत्ता अगर गहराई से मांस नोच ले तो जिला अस्पताल में उसके इलाज के लिए एंटी रेबीज सीरम नहीं है। यह सीरम पिछले करीब दो सप्ताह से खत्म है।
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दरअसल, कुत्ता अगर हल्के से काटता है तो एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगती है लेकिन अगर गहराई तक मांस नोच ले तो उसमें एंटी रेबीज वैक्सीन के अलावा एंटी रेबीज सीरम (एआरएस) भी लगानी पड़ती है। सीरम नहीं है तो लिहाजा पीड़ित को दिल्ली रेफर किया जाता है। ऐसा ही मंगलवार को प्रभात नगर निवासी प्लाटून कमांडर सुनील उपाध्याय के साथ हुआ था। उनके जख्म गहरा था तो उन्हें जिला अस्पताल से एंटी रेबीज सीरम इंजेक्शन लगवाने के लिए गुरु तेग बहादुर अस्पताल नई दिल्ली के लिए रेफर किया गया था।
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सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने बताया कि एंटी रेबीज सीरम इसलिए लगाना पड़ता है क्योंकि उसका असर जल्दी होता है और वह जख्म पर ही लगता है। एंटी रेबीज वैक्सीन हाथ पर लगती है। इसका असर थोड़ा देर से होता है। सामान्य कुत्ते काटे में तो यह सही है लेकिन गहरा मांस नोचने में संक्रमण जल्दी फैलने का खतरा होता है इसलिए सीरम लगवाई जाती है। जब तक सीरम नहीं आती तब तक जिला अस्पताल में जो इस तरह के मामले आते हैं उन्हें दिल्ली के सरकारी अस्पताल के लिए रेफर किया जा रहा है।
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500 एआरएस इंजेक्शन की भेजी गई डिमांड
पीएल शर्मा जिला अस्पताल के लिए 500 एंटी रेबीज सीरम (एआरएस) की मांग भेजी हुई है। जैसे ही सीरम आ जाएगी मरीजों के लिए उपलब्ध हो जाएगी।
- डॉ. सुदेश कुमारी, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
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