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इदरीश हत्याकांड : अदालत ने कहा- एसओ को करो गिरफ्तार

Sat, 23 Dec 2017 01:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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कोर्ट का फैसला
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हत्या के मामले में पेश ना होने पर सीजेएम कोर्ट ने भावनपुर थाने के पूर्व एसओ के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। साथ ही उन्हें निलंबित कर 19 जनवरी तक कोर्ट में पेश करने को प्रदेश के गृह सचिव सहित आला अफसरों को निर्देशित किया है।
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इस घटना के वादी जावेद ने भावनपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि 21 मई 2005 को उसके पिता इदरीश कुरैशी को भावनपुर थाने के एक दरोगा और सिपाही बुलाकर ले गए थे। उन्होंने बताया था कि उन्हें एसओ गजेंद्र सिंह ने बुलाया है। उसके पिता अपने साथी बसरुद्दीन के साथ बाइक से थाने चले गए थे। 

बसरुद्दीन को तो पुलिस ने वापस भेज दिया, लेकिन उसके पिता को नहीं भेजा। बाद में उन्हें हाजी आबिद और जावेद ने बताया कि इदरीश को एसओ और दो सिपाही जीप में डालकर ले गए हैं। बाद में उन्हें पता चला कि उनके पिता की हत्या एसओ और दो पुलिस कर्मियों ने कर दी है। एसपी देहात के निर्देश पर एसओ गजेंद्र सिंह और तीन अन्य के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। 
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पीड़ित पक्ष का आरोप था कि पुलिस ने कुछ दिन बाद इस केस में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। जांच में बताया गया कि इदरीश की मौत पिटाई से नहीं बल्कि हार्ट अटैक से हुई है। इस पर वादी ने कोर्ट में प्रोटेस्ट पिटीशन दायर की। 

इस पर सीजेएम तबरेज अहमद ने पिछले दिनों पुलिस की फाइनल रिपोर्ट को खारिज कर गजेंद्र सिंह को 28 नवंबर को कोर्ट में पेश होने को कहा था, लेकिन वे पेश नहीं हुए। इस पर सीजेएम ने गजेंद्र सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट और कुर्की नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि अभियुक्त को कोर्ट में पेश करने से पहले निलंबित किया जाए। साथ ही गिरफ्तार कर 19 जनवरी तक कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए कोर्ट ने प्रमुख सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक और एसपी नोएडा को पत्र लिखा है। गजेंद्र सिंह की वर्तमान में नोएडा में ही तैनाती बताई जा रही है।

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दरोगा सहित चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश

अदालत
कोर्ट में गलत रिपोर्ट देने के मामले में सीजेएम कोर्ट ने ब्रह्मपुरी थाने के दरोगा, रिटायर्ड दरोगा और उसके दो पुत्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए हैं। सीजेएम कोर्ट में राकेश सैनी एडवोकेट ने शिकायत की थी कि उसकी मारुति कार 10 दिसंबर 2016 को चोरी हो गई थी। उसने ब्रह्मपुरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 3 नवंबर 2017 को ब्रह्मपुरी थाने के दरोगा संजीव कुमार ने रिटायर्ड दरोगा महेंद्र सैनी के कीर्ति पैलेस जागृति विहार स्थित घर पहुंचकर चोरी की कार बरामद कर ली और थाने ले जाकर खड़ी कर दी। 8 नवंबर 2017 को राकेश सैनी ने कार सपुर्दगी के लिए सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट ने थाना पुलिस से आख्या मांगी। पीड़ित का आरोप था कि पुलिस ने कोर्ट को गलत रिपोर्ट भेजकर बता दिया कि कार थाने में दाखिल नहीं है। इस पर पीड़ित अधिवक्ता ने कोर्ट को कार के थाने में उपलब्ध होने के फोटो आदि साक्ष्य उपलब्ध कराए। इस पर सीजेएम तबरेज अहमद ने दरोगा संजीव कुमार, रिटायर्ड दरोगा महेंद्र सैनी और उसके दो बेटों अनुराग सैनी और आदर्श सैनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए हैं। इस संबंध में इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी सतीश राय ने बताया कि ये मामला उनके संज्ञान में नहीं है।

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