फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अल्लीपुर में प्रचीन शिव मंदिर की मूर्ति तोड़ी, तनाव

विज्ञापन
अल्लीपुर गांव स्थित मंदिर में मूर्ति तोड़े जाने की जानकारी पाकर मौके पर पहुंचे सीओ किठौर। - फोटो : KITHOR
विज्ञापन
मंदिर के द्वार का ताला तोड़कर मूर्ति खंडित की, ग्रामीणों ने नाराजगी जताई
विज्ञापन

पुलिस टूटा ताला और्र इंट कब्जे में ली, पुलिस पर दूसरी मूर्ति स्थापित कराकर लीपापोती करने का आरोप लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा। गांव अल्लीपुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में बृहस्पतिवार रात अज्ञात लोगों ने मंदिर का ताला तोड़कर भगवान शिव की मूर्ति तोड़ दी। सुबह में मंदिर की सफाई करने पहुंचे तो गेट का ताला टूटा हुआ था और अंदर रखी मूर्ति टूटी मिली। सूचना पाकर सैकड़ों ग्रामीण एवं पुलिस मौके पर पहुंच गई। उसने मामला बिगड़ने से पहले ही दूसरी मूर्ति स्थापित करा दी। हालांकि गांव में तनाव बना हुआ है।
गांव अल्लीपुर की आबादी करीब आठ हजार है। जिसमें करीब 80 प्रतिशत मुस्लिम एवं करीब 20 प्रतिशत हिंदू हैं। गांव के बाहरी ओर भगवान शिव का प्राचीन शिव मंदिर है। इसमें पिछले दो वर्षों से बड़ौत निवासी रामगोपाल मुख्य पुजारी हैं। उनके शिष्य दुर्गे की बीमारी के चलते बीती 15 जुलाई को मौत हो गई थी। जिस कारण रामगोपाल दुर्गे के गांव गए हुए थे। वह मंदिर की जिम्मेदारी गांव के ही युवक पंकज को सौंपकर गए थे। इस पर पंकज प्रतिदिन सुबह में मंदिर की सफाई करता है तथा शाम को मंदिर के गेेट का ताला बंद करता है। वह शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे मंदिर पहुंचा तो गेट का ताला टूटा मिला। पंकज अंदर पहुंचा तो भगवान शिव की मूर्ति कई हिस्सों में टूटी हुई थी। पंकज ने इसकी जानकारी ग्रामीणों को दी। इस पर सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। इस पर पुलिस भी पहुंची और आनन-फानन में टूटी मूर्ति अपने साथ ले गई। उसने बाद में भगवान शिव की नई मूर्ति लाकर मंदिर में स्थापति करा दी। हालांकि इस घटना से गांव में तनाव बना हुआ है।
विज्ञापन

तीन घटना के बाद भी पुलिस सचेत नहीं
मंदिर से करीब दो वर्ष पहले छत्र चोरी कर लिया था। पुलिस ने इस मामले को दबा दिया था। वहीं, डेेढ़ वर्ष पहले मंदिर से भगवान शिव व शिव परिवार की मूर्ति तोड़ दी थीं। उस समय भी पुलिस ने नई मूर्तियां स्थापित करा दी थीं। बृहस्पतिवार रात्रि में फिर से भगवान शिव की मूर्ति तोड़ दी।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
मंदिर की दीवार फांदकर अंदर घुसे असामाजिक तत्वों ने पहले ईंट से गेट का ताला तोड़ा। इसके बाद मंदिर में रखी मूर्ति तोड़ दी। हालांकि पुलिस किन्हीं कारणों से मूर्ति गिरकर टूटना मान रही है। जबकि मूर्ति सीमेंट से चिपकी हुई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस असामाजिक तत्वों को बचाने का प्रयास कर रही है। इस मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। हालांकि ग्रामीणों को शांत करने के लिए पुलिस ने उक्त ताला एवं ईंट कब्जे में ले ली है। वहीं, ग्रामीणों ने बजरंग दल के प्रांतीय संयोजक बलराज डूंगर से बात कर कार्रवाई की मांग की है।
बिना प्राण-प्रतिष्ठा कराए मूर्ति की स्थापना
किसी भी कारण से मंदिर में यदि कोई मूर्ति खंडित होती है तो नई मूर्ति का प्राण-प्रतिष्ठा की जाती है। यहां पर पुलिस ने ऐसा नहीं किया और मूर्ति स्थापित करा दी है।
मंदिर की मूर्ति किसी ने नहीं तोड़ी। सफाई करने के दौरान किन्हीं कारणों से टूट गई है। जिसके चलते किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती है। -आलोक कुमार सिंह, सीओ किठौर
विज्ञापन

एसएसपी एवं इंस्पेक्टर ने भी मूर्ति तोड़ना स्वीकार किया था। अब पुलिस इस घटना को दूसरा रूप देकर आरोपियों को बचाना चाह रही है। इस गांव में यह तीसरी घटना है। यदि पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई नहीं की तो हिंदू संगठनों को मजबूरन आंदोलन करना पडे़गा। असामाजिक तत्वों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर रासुका की कार्रवाई की जाए। -बलराज डूंगर, प्रांतीय संयोजक बजरंग दल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें