सहारनपुर। दोपहर के समय के बाहर बैठा हुआ था, तभी भीड़ ने नारेबाजी करते हुए पुलिस पर पथराव कर दिया। कई पत्थर घर के अंदर भी आकर पड़े। कुछ पल के लिए समझ ही नहीं आया कि आखिर क्या माजरा था। जिस तरीके से भीड़ आक्रोशित होकर पथराव कर रही थी उससे लग रहा था कि आज कोई अनहोनी होगी। जीवन में ऐसा मंजर कभी नहीं देखा। यह कहना था कि वहां के स्थानीय बुजुर्ग का।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भीड़ में कुछ ऐसे भी थे, जो नाबालिग लग रहे थे, लेकिन वह पत्थरबाजी में सबसे आगे थे। करीब आधे घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। एक तरफ पुलिसकर्मी थे तो दूसरी तरफ उपद्रवी पत्थरबाजी कर रहे थे। प्रयास किया कि पुलिसकर्मियों की मदद की जाए, लेकिन आक्रोशित भीड़ के सामने जाने की हिम्मत नहीं हुई। जो भी उनके हाथ में आ रहा था उठाकर मार रहे थे। गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई, लेकिन जिस तरीके का मंजर देखा वह बयां करना मुश्किल है। उपद्रवियों की संख्या अधिक होने के कारण पुलिसकर्मी बेबस दिखाई दे रहे थे। फिर भी वह हिम्मत नहीं हार रहे थे। हालांकि अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर जरूर भाग रहे थे।