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दिल दिया है जान भी देंगे ए वतन तेरे लिए...

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ऐतिहासिक मेला बूढ़ा बाबू में महफिल ए कव्वाली में प्रस्तुति देते कलाकार। संवाद
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सरधना। नगर के ऐतिहासिक मेला बूढ़ा बाबू में महफिल ए कव्वाली का भव्य आयोजन किया गया। नगर में मेला बूढ़ा बाबू हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक माना जाता है। अलीगढ़ के कव्वालों ने अपनी कव्वाली से श्रोताओं का दिल जीत लिया। जिसे सुनाकर श्रोताओं की खूब तालियां बटोरी।
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शुक्रवार रात महफिल ए कव्वाली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुुरुआत सपा नेता विनीत सत्यप्रकाश भराला व समाजसेवी शाहरुख बंटी ने फीता काटकर की। जबकि शमां रोशन पूर्व चेयरमैन निजाम अंसारी व अभिनेष सिंह नवादा ने की। अध्यक्षता तहसीन कुरैशी ने की। अलीगढ़ से आए कव्वाल गुलाम हबीब अलीगढ़ व साथियों ने कव्वाली पर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। जिसमें कव्वाल ने पढ़ा कि दिल दिया है जान भी देंगे ए वतन तेरे लिए सुनाकर कार्यक्रम की शुरूआत की। इसके बाद गजल वो काबा है मोहम्मद का, मदीना है मोहम्मद का। आखिर मैं क्यों जाकर रो रहा है मोहम्मद के शहर में, हर दर्द की दवा है मोहम्मद के शहर में गजल सुनाकर सभी को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम का संचालन सभासद सोनू त्यागी ने की। इस दौरान सभासद शहजाद सितारा, इमरान ठाकुर, खालिद अंसारी, शानू जैन, कविता निर्दोष, यूनुस ठेकेदार, दीपक निराला, हाजी रियाज, दिलशाद, शाहवेज अंसारी आदि मौजूद रहे।

ऐतिहासिक मेला बूढ़ा बाबू में महफिल ए कव्वाली में प्रस्तुति देते कलाकार। संवाद

ऐतिहासिक मेला बूढ़ा बाबू में महफिल ए कव्वाली में प्रस्तुति देते कलाकार। संवाद

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