मेरे कानों में एक आवाज गूंजती है
प्रियंका शुक्ला ने अंग्रेजी में तीन प्वाइंट में सुसाइड नोट लिखा। जिसमें लिखा- मैं प्रियंका शुक्ला, अपनी मर्जी से सुसाइड कर रही हूं। मैं टिनिटस से ग्रस्त हूं। मेरे कानों में एक आवाज गूंजती रहती है जो मुझे मेरी नाकामियों का अहसास कराती है, जो याद दिलाती है कि मैं पढ़ाई में कुछ विशेष नहीं कर पाऊंगी।
मेरा जीवन सिर्फ सामान्य रूप से जीने के लिए है। मैं अपनी मर्जी से यह कदम उठा रही हूं। मेरे परिवार की इसमें कोई भूमिका नहीं है। पुलिस से मेरा आग्रह है कि इस घटना में मेरे परिवार या परिचित को परेशान न किया जाए।
घर में कई दिनों से अकेली थी प्रियंका
जानकारी के अनुसार ग्रेटर गंगा कॉलोनी निवासी पिता कांता प्रसाद शुक्ला और मां विद्या शुक्ला बीते 12 अप्रैल को अपने पैतृक गांव जिला महोबा के रिटोली गए थे। प्रियंका घर में अकेली रह रही थी। पिता के अनुसार मेरा मोबाइल नंबर बीएसएनएल का है। गांव में नेटवर्क न होने के चलते वह पिछले चार दिनों से प्रियंका से बात नहीं कर पाए थे। शुक्रवार सुबह उन्हें कॉलोनी के लोगों ने किसी प्रकार उन्हें सूचना दी। जिसके बाद वह वापस लौटे।
डीयू में असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी ठुकराई
प्रियंका ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पॉलीटिकल साइंस में एमए किया था। उसके बाद नेट क्लियर हो गया था। डीयू में असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी भी मिल गई थी। परंतु प्रियंका के कुछ बड़ा बनने के विचार ने उस नौकरी को ठुकरा दिया। उसके यूपीएससी के सभी ऐटेम्पट निकल गए थे।
केवल पीसीएस के ऐटेंप्ट बचा था। पुलिस की माने तो 22 अप्रैल को यूपीएससी का रिजल्ट आया। जिसमें प्रियंका ने लड़कियों के यूपीएससी क्लियर होने के रिजल्ट को देखा। उसे वहीं, अपनी नाकामी का अहसास होने लगा। जोकि उसने अपने सुसाइड नोट में भी लिखा।
अधिकारी बनने के बाद शादी करने का था सपना
गंगानगर थाना प्रभारी अनूप सिंह की माने तो प्रियंका बहन-भाईयों में सबसे बड़ी है। दो छोटे भाई अभिनव और अंकित शुक्ला की नौकरी लग चुकी है। दोनों अपने परिवारों के साथ गुरुग्राम और पुणे में नौकरी करते हैं। प्रियंका का उसका सपना था कि अधिकारी बनने के बाद ही शादी करेगी।