परीक्षितगढ़- ढाक पीर उर्स मेले में कलाम पेश करते हुए शायर।
परीक्षितगढ़। नगर में चल रहे दस दिवसीय ढ़ाक पीर उर्स मेले में मुशायरे का आयोजन किया गया। जिसमें शायरों ने एक से बढ़कर कलाम पेश किए। शायर अली खान जौहर ने मैं तो हर हाल में खुश रहता हूं मां...सुनाकर वाहवाही लूटी।
शायर अबूबकर मेरठी ने कहा कि इतनी बाटूंगा मोहब्बत जहां में यारों, गमजदा मरने पर मेरा सारा जमाना होगा। डॉ. शाबिर ने कहा मुझको मेरी हयात से कोई गिला नहीं, साबिर को सब्र करना सिखाया आपने अल। अली मेरठी ने कहा कि हिंदुस्तान अपना है वतन इसके लिए हाजिर है जान तन। यूसुफ मेरठी ने कहा कि याद तो होगा कि हम ही तो हैं एक खाक ए वतन अपने खून से तुझे गुलजार करने वाले सुनाया। गुफरान जावेद ने कहा कि इससे बड़ी है क्या कोई तौहीन और भी मैं तुझसे मिलकर हो गया गमगीन सुनाई। मुशायरे की अध्यक्षता अकबर अली व संचालन अली जौहर ने किया। वहीं मेला कमेटी ने शायरों को सम्मानित किया।