जगदीश की हत्या के आरोपी उसकी पत्नी और उसका प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया।
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जानीखुर्द। डालूहेड़ा स्थित गोशाला में पांच दिन पूर्व जगदीश की हत्या उसकी पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर की थी। हत्या का कारण मृतक का दोनों के प्रेम प्रसंग का विरोध करना रहा। पुलिस ने मंगलवार को मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
गांव जखेड़ा स्थित गोपाल गोशाला में गांव भगवतपुर थाना घाटमपुर कानपुर देहात निवासी जगदीश पुत्र लालाराम काम करता था। जगदीश पत्नी उषा और पांच साल की बेटी साक्षी के साथ गोशाला में बनी पहली मंजिल के कमरे में रहता था। पांच दिन पूर्व जगदीश गोशाला में मृत मिला था। मंगलवार को जानी पुलिस ने जगदीश हत्याकांड का खुलासा कर दिया। जानी थाना प्रभारी योगेंद्रपाल सिंह के अनुसार जांच में पता चला कि गांव मीरपुर थाना रोहटा निवासी सनी मलिक पुत्र धर्मपाल का गोशाला में काफी आना जाना था। पुलिस ने सनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने बताया कि वह और जगदीश मेरठ बागपत बाईपास स्थित एक विवाह मंडप में नौकरी करते थे। जगदीश मंडप में अपनी पत्नी उषा के साथ रहता था। इस दौरान उसके संबंध जगदीश की पत्नी उषा से हो गए। इसका पता चलने पर एक वर्ष पूर्व जगदीश ने मंडप की नौकरी छोड़ दी। जगदीश डालूहेड़ा स्थित गोशाला में काम करने लगा। जगदीश की गैर मौजूदगी में वह उषा से मिलने गोशाला में जाने लगा। उषा से उसकी मोबाइल पर घंटों बात होती थी। इसका पता जगदीश को चल गया। जगदीश ने इस मामले को लेकर उषा के साथ मारपीट भी की। इसके बाद उषा और सनी ने जगदीश की हत्या करने की योजना बना ली। इसके अनुसार पांच दिन पूर्व रात में सनी गोशाला पहुंचा। सनी और उषा ने कमरे में सो रहे जगदीश पर हथौडे़ से वार कर हत्या कर दी। इसके बाद शव गोशाला के जीने के पास डाल दिया। सुबह होने पर सनी वहां से चला गया। इसके बाद उषा ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने सनी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथोड़ा भी बरामद कर लिया। पुलिस ने मंगलवार को दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
जगदीश को नहीं मारते तो वह हम दोनों को मार देता
पुलिस पूछताछ में जगदीश की हत्या करने के आरोपी उषा और प्रेमी सनी ने बताया कि जगदीश पहले से ही आपराधिक व्यक्ति था। उस पर एक हत्या का मुकदमा चल रहा था। जब उसे दोनों के प्रेम प्रसंग का पता चला तो उसने उषा और सनी को जान से मारने की धमकी दी। इससे दोनों घबरा गए। इसके बाद ही उन्होंने जगदीश को मारने की योजना बना ली। जगदीश की हत्या के बाद सुबह तक सनी और उषा शव के पास ही बैठे रहे। सुबह होने पर शव गोशाला के जीने के पास डालने के बाद सनी चला गया। पुलिस ने हत्या के खुलासे के बाद उषा और जगदीश के परिजनों को जानकारी। पुलिस ने जगदीश की बेटी साक्षी को ले जाने के लिए कह, लेकिन कोई भी परिजन साक्षी को लेने नहीं आया। पुलिस ने उषा को जेल भेजा तो उसके साथ बेटी साक्षी भी गई।