शहर में 100 करोड़ रुपये से विकास कार्य होंगे। इसके लिए 75 करोड़ रुपये से होने वाले कार्यों की टेंडर प्रक्रिया चल रही है। वहीं अगले सप्ताह अवस्थापना निधि से 25 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के प्रस्तावों को स्वीकृति मिलने वाली है। कुल मिलाकर चुनाव से पहले शहर में विकास कार्यों की बाढ़ सी दिखाई देगी।
महानगर में विकास कार्यों के लिए सभी पार्षद और जनप्रतिनिधियों ने अपने अपने प्रस्ताव दिए। उसके आधार पर पिछले माह अवस्थापना और 14वें वित्त आयोग के खजाने से 75 करोड़ के प्रस्तावों को कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई बैठक में हरी झंडी दी गई थी। वह अलग बात है कि अवस्थापना और टीएफसी की बैठक में जिन प्रस्तावों को हरी झंडी मिली थी, उनको निगम अधिकारियों ने बदल दिया था। इस कारण पार्षदों ने नगर निगम की बोर्ड बैठक में हंगामा किया था। अब 25 करोड़ रुपये अवस्थापना निधि में आने के बाद निगम प्रशासन और पार्षदों ने राहत की सांस ली है। कुल मिलाकर शहर में 100 करोड़ रुपये से सड़क, नाले, नालियां, पार्क आदि पर काम होगा। इतना ही नहीं कुछ मशीनें भी खरीदी जाएंगी। 75 करोड़ से होने वाले कार्यों की टेंडर प्रक्रिया चल रही है।
19 को अवस्थाना की बैठक
मेरठ। नगर निगम अवस्थापना निधि से होने वाले विकास कार्यों के प्रस्तावों की स्वीकृति के लिए आगामी 19 फरवरी को बैठक होगी। इसके लिए नगर निगम प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। महानगर के सभी वार्डों में अवस्थापना निधि के 25 करोड़ से होने वाले विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। बुधवार को नगरायुक्त, अपर नगरायुक्त और चीफ इंजीनियर ने पुलिस लाइन, पल्लवपुरम सहित कई इलाकों का निरीक्षण किया। बताया जा रहा है कि अवस्थापना की बैठक के लिए तैयार होने वाले प्रस्तावों का स्थलीय निरीक्षण किया जा रहा है। पिछले माह हुई अवस्थापना निधि की बैठक में पास प्रस्तावों को निगम प्रशासन पर बदलने का आरोप लगा था। उसके बाद से निगम अधिकारी सतर्क हैं।