कपसाड़ कांड के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे नगीना सांसद और आसपा (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद को रोकने के लिए दो जिलों की पुलिस ने पूरी ताकत लगा दी। दिल्ली से मेरठ के बीच घंटों हाईवोल्टेज ड्रामा चला। पुलिस और सांसद के बीच जमकर बहसबाजी, धक्का-मुक्की और खींचतान हुई। आखिरकार पुलिस को चकमा देकर सांसद बाइक से मेरठ पहुंच गए। हालांकि पुलिस ने उन्हें टोल पर रोक लिया। यहां सांसद कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गए। काफी देर गहमागहमी के बाद सांसद वापस लौट गए।
मामला शनिवार दोपहर करीब 3:45 बजे शुरू हुआ। चंद्रशेखर आजाद दिल्ली हवाई अड्डे से सीधे मेरठ के लिए निकले थे। जैसे ही इसकी सूचना मिली, एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव, कौशांबी, इंदिरापुरम, खोड़ा और साहिबाबाद थानों के प्रभारियों के साथ भारी पुलिस बल यूपी गेट पर तैनात हो गया। भीम आर्मी प्रमुख का काफिला पहुंचते ही पुलिस ने घेराबंदी कर दी। करीब 15-20 मिनट तक तीखी बहस चली। दो बार अलग-अलग गाड़ियों से निकलने की कोशिश नाकाम होने पर चंद्रशेखर अचानक कार से उतरे और पैदल ही मेरठ की तरफ दौड़ पड़े। इस दौरान इंदिरापुरम थाना प्रभारी ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो जमकर धक्का-मुक्की हुई। सांसद ने पुलिस पर कपड़े पकड़कर खींचने और बदसलूकी का आरोप लगाया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस देखती रही और बाइक से निकल गए आजाद
इतनी भारी फोर्स को चकमा देते हुए चंद्रशेखर ने अचानक डिवाइडर के दूसरी तरफ छलांग लगाई और अपने गनर के साथ एक्सप्रेस-वे पर दौड़ लगा दी। वहां उन्होंने एक बाइक सवार राहगीर को रोका और उस पर बैठकर मेरठ की ओर निकल गए। गाजियाबाद पुलिस एनएच-9 पर खड़ी तमाशा देखती रह गई। इसके बाद डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी और डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटिल ने भोजपुर टोल पर मोर्चा संभाला। पुलिस ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर ट्रक तिरछे खड़े कर रास्ता पूरी तरह ब्लॉक कर दिया। एक-एक वाहन की तलाशी ली गई जिससे 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इस दौरान कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी हुई।
8 फीट ऊंची दीवार फांदी और गांव के रास्ते मेरठ में एंट्री
सांसद चंद्रशेखर ने बाद में बताया कि पुलिस की नाकेबंदी तोड़ने के लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी। उन्होंने 8 फीट ऊंची दीवार फांदी, कई बार गाड़ियां बदलीं और फिर पुलिस की नजरों से बचने के लिए एक्सप्रेस-वे से नीचे उतरकर गांव के रास्तों का सहारा लिया। उन्होंने बताया कि चोट के कारण वह बाइक चलाने की स्थिति में नहीं थे, लेकिन समाज की लड़ाई के लिए उन्होंने यह दर्द सहा।
काशी टोल पर भारी हंगामा, डीएम-एसएसपी से भिड़ंत
शाम को जब चंद्रशेखर मेरठ के काशी टोल पहुंचे तो उन्होंने पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर रुमाल बांध रखा था। वहां डीएम डॉ. वीके सिंह, एसएसपी डॉ. विपिन ताडा, एडीएम सिटी बृजेश कुमार सिंह और एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह भारी फोर्स और रैपिड एक्शन फोर्स के साथ तैनात थे। पुलिस ने उन्हें रोक लिया। कार्यकर्ताओं के साथ वह वहीं धरने पर बैठ गए। सांसद ने मांग की कि उन्हें पीड़ित परिवार से मिलाया जाए या कम से कम वीडियो कॉल पर बात कराई जाए। अधिकारी पहले उन्हें टोल कार्यालय में ले गए लेकिन बाद में सुरक्षा कारणों का हवाला देकर मना कर दिया। इससे नाराज होकर चंद्रशेखर फिर वहां से बाहर आकर कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गए। पुलिस ने करीब 15-20 कार्यकर्ताओं को घसीटकर जीप में डालने की कोशिश की जिससे स्थिति और बिगड़ गई। करीब 15 मिनट के धरने के बाद पुलिस के काफी समझाने पर वह वापस दिल्ली के लिए रवाना हुए।
हर चौराहे पर यमराज है, तो आरोपी बाहर क्यों?
मीडिया से बातचीत में चंद्रशेखर आजाद ने मुख्यमंत्री पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री सदन में कहते हैं कि हर चौराहे पर यमराज खड़ा है तो फिर कपसाड़ के आरोपी अब तक फरार क्यों हैं। पुलिस सरकार के दबाव में काम कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता अब समझ चुकी है और आने वाले समय में इनके (सत्ताधारियों के) डिब्बे खाली हो जाएंगे।