कैसे बदलेगी चौराहों की सूरत, कोई बिड नहीं आई
मेरठ। इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) से शहर के चौराहों की यातायात व्यवस्था हाईटेक करने की योजना बनाई गई है। नौ चौराहों पर 32 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। लेकिन अभी तक कोई कंपनी सामने नहीं आई है। इस कारण नगर निगम ने टेंडर डालने की तिथि 26 जून कर दी है। अगर 26 को भी बिड नहीं आई तो टेंडर को फिर से आगे बढ़ाना होगा।
योजना के तहत चौराहों पर आधुनिक कैमरे लगेंगे और तीन स्थानों पर आईटीएमएस कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। इसके लिए निगम ने नगर निगम परिसर स्थित मुख्य इमारत, टाउन हाल और नई सड़क शास्त्री नगर में पड़ी जमीन को चिह्नित किया है। प्रोजेक्ट में कमिश्नरी चौराहा, तेजगढ़ी, हापुड़ अड्डा चौराहा, बच्चा पार्क, जेल चुंगी चौराहा, गांधी आश्रम चौराहा, ईव्ज चौराहा, साकेत, एल ब्लाक चौराहा शामिल हैं। निगम अधिकारियों का दावा है कि आईटीएमएस टेंडर के लिए देश की कई कंपनी संपर्क में हैं। हालांकि 19 जून को इस संबंध में कोई बिड नहीं आई। अधिशासी अभियंता निर्माण अमित शर्मा का कहना है कि 26 जून को बिड डलने की पूरी संभावना है।
आईटीएमएस से रुकेगा अपराध
अमित शर्मा ने बताया कि आईटीएमएस के जरिये शहर में अपराध पर अंकुश लगेेगा। चौराहों पर आधुनिक सीसीटीवी कैमरों के अलावा पीटीजेड कैमरे लगेंगे। अपराधी यहां से गुजरने पर उसके वाहन की नंबर प्लेट इस कैमरे में ट्रेस हो जाएगी और फोटो कैप्चर हो जाएगा। चौराहों पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स लगाए जाएंगे।