सिवाया टोल प्लाजा, मंगलवार दोपहर तीन बजे। फास्टैग लेन नंबर चार में एक फॉर्चूनर कार खड़ी है। चालक हनी के अनुसार, उनके फास्टैग में पैसे हैं, लेकिन स्कैनर काम नहीं कर रहा। काफी जद्दोजहद के बाद बाद उन्हें हैंडिड मशीन से निकाला गया। इसी तरह लेन नंबर आठ मेें मुजफ्फरनगर जा रहे अरविंद कुमार की गाड़ी खड़ी थी। वहां भी फास्टैग ने काम नहीं किया तो हैंडिड मशीन से टोल वसूला गया। यहां भी स्कैनर काम नहीं कर रहा था। इस कारण टोल पर जाम भी लगा रहा।
यह समस्या एक दिन की नहीं है। आए दिन वाहन चालकों को टोल पर इस समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर परिवहन मंत्रालय ने पहली जनवरी से सभी टोल प्लाजा पर कैश लेन खत्म करने के आदेश जारी कर दिए हैं। ऐसे में फास्टैग को ट्रैक पर लाने और जाम से निपटना टोल अधिकारियों के लिए चुनौती पूर्ण होगा।
कहां से खरीदें फास्टैग
किसी भी सरकारी बैंक से फास्टैग स्टीकर ऑफलाइन या ऑनलाइन आवेदन करके मंगवाया जा सकता है। टोल प्लाजा पर भी फास्टैग काउंटर बने हैं। पेटीएम, आईसीआईसीआई, एयरटेल के काउंटर से भी ले सकते हैं। इसके लिए केवाईसी डॉक्यूमेंट, आरसी, पहचान पत्र और फोटो की जरूरत पड़ती है।
ऐसे करें चालू
फास्टैग खरीदने के बाद माई फास्टैग एप में अपनी और वाहन की जानकारी भरनी होगी। एप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। इसे रिचार्ज करने के लिए यूजर आईडी और वॉलेट आईडी से फास्टैग पोर्टल पर लॉगइन करना पड़ता है। यदि फास्टैग आपके बैंक खाते से जुड़ा हुआ है तो प्रीपेड वॉलेट में अलग से पैसे जमा करने की जरूरत नहीं है। फास्टैग वॉलेट में पैसे नहीं होेने पर टोल पर लगा सेंसर काम नहीं करेगा।
फास्टैग के लाभ
-जाम में नहीं फंसना पड़ता, तेल और समय दोनों की बचत।
-मोबाइल से कनेक्ट होने पर सूचना मिलती रहती है।
-फास्टैग से पैसे कटने पर मोबाइल पर तुरंत मेसेज।
स्थानीय लोगों को होगी दिक्कत
टोल प्रबंधन ने दस किमी क्षेत्र में आने वाले स्थानीय वाहनों के लिए चालकों से आह्वान किया है कि वह अपने डाक्यूमेंट देकर फास्टैग लगवा लें। बिना फास्टैग के दिक्कत होगी। जिला प्रशासन और एसएसपी को पत्र भेजकर टोल प्लाजा पर सुरक्षा की मांग की गई है।
वर्जन=================
करीब 10 हजार वाहन रोज फास्टैग से निकल रहे हैं। अभी दस लेन फास्टैग हैं। बची दो लेन भी 31 दिसंबर की रात्रि से फास्टैग हो जाएंगी। परिवहन मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार ही काम होगा। यूजर्स फास्टैग वॉलेट में पैसे रखें। अन्य समस्याओं को दूर किया जाएगा। सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन से सहयोग मांगा है। -प्रदीप चौधरी, टोल प्लाजा मैनेजर