गृहकर : लक्ष्य 45 करोड़ और वसूली मात्र सात करोड़
मेरठ। आधा वित्तीय वर्ष गुजर जाने के बाद भी नगर निगम कर्मचारी अभी तक सिर्फ सात करोड़ रुपये की गृहकर वसूली कर पाए हैं। जबकि लक्ष्य 45 करोड़ रुपये का है। कर्मचारी की लापरवाही के चलते नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन रोक दिया है। सभी को 15 अक्तूबर तक हाउसटैक्स के बिल घरों में भिजवाने के निर्देश दिए हैं।
नगर निगम शहर के 2.41 लाख भवन स्वामियों से गृहकर वसूलता है। चालू वित्तीय वर्ष में नगर निगम ने 45 करोड़ रुपये गृहकर वसूली का लक्ष्य रखा है। छह महीने बाद भी नगर निगम लक्ष्य से कोसों दूर है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, अभी तक करीब सात करोड़ रुपये की वसूली हो सकी है। नगर आयुक्त डॉ. अरविंद चौरसिया के नाराजगी जताने के बाद बुधवार को काम में तेजी दिखाई दी। वहीं मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अवधेश कुमार ने बताया कि गृहकर जमा नहीं करने पर धनराशि पर 12 फीसदी की दर से ब्याज लगाया जाता है। इससे बचने के लिए भवन स्वामी तय समय के अंदर गृहकर जमा करें।
ऑनलाइन जमा कर सकते हैं गृहकर
नगर निगम ने गृहकर जमा करने की ऑनलाइन सुविधा भी दी हुुई है। इसके लिए www.ptxmnn.com पर जाकर उसमें अपना पीटीआईएन नंबर डालकर अपना गृहकर जमा कर सकते हैं। भुगतान से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए ptxmnn@gmail.com पर समस्त दस्तावेजों प्रूफ के साथ ई-मेल कर सकते हैं।
सरकारी विभागों पर 34 करोड़ रुपये बकाया
सरकारी विभागों पर भी नगर निगम का 34 करोड़ रुपये गृहकर बकाया है। इसमें सबसे ज्यादा बिजली विभाग पर 25.15 करोड़ रुपये है। इसके बाद पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय, उप्र वस्त्र निगम, संयुक्त निदेशक कृषि प्रसार, महाप्रबंधक बीएसएनएल, आवास विकास परिषद पर भी अच्छा खासा गृहकर बकाया है।