मेरठ। बढ़े हुए गृहकर और स्वकर निर्धारण प्रपत्र के मामले में पार्षदों में अब तक नाराजगी है। वहीं, विवादों के बीच नगर निगम ने गृहकर वसूली की तैयारी शुरू कर दी है। निगम ने शहर में एक लाख रुपये से अधिक के बकायेदारों को नोटिस जारी करने की तैयारी कर ली है। इसके लिए अब तक 50 से ज्यादा भूस्वामियों की सूची तैयार कर ली गई है। पहले चरण में उन्हें नोटिस भेजे जाएंगे और तय समय में भुगतान न होने पर भवन सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
पार्षद बार-बार यह मांग करते रहे हैं कि गृहकर के बिलों पर आ रहीं आपत्तियों का तत्काल निस्तारण किया जाए। आपत्तियों के समाधान के बिना वसूली की कार्रवाई गलत है। शहर में लगभग 3.50 लाख भवन स्वामियों से गृहकर वसूली की जानी है। इसके लिए भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे जीआईएस सर्वे के आधार पर नया गृहकर लगाया गया है। अभी गृहकर पर आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं।
महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने बताया कि उन्होंने शत-प्रतिशत स्वकर निर्धारण प्रपत्र भरवाने के निर्देश दिए हैं लेकिन निगम स्तर पर सही ढंग से पालन नहीं हो रहा है। इसका सीधा असर भवन स्वामियों पर पड़ रहा है और उनमें रोष बढ़ रहा है।