नवीन अरोड़ा ने बताया कि कारोबारी हिमांशु पुरी ने होटल बनाने में कर्ज लिया जो वह कागजों में है। चोरी का पैसा नहीं लगाया। समय खराब आया तो वह परिवार के साथ चले गए। ऐसे में होटल की जो भी कीमत है, उससे कम बेचना गंभीर मामला है। होटल बनाने में एक नंबर का पैसा लगाया। इस मामले में नीलामी करने में कंपनी के अधिकारियों ने साजिश कर निर्धारित रेट से कम रेट तय किया। नवीन अरोड़ा के अनुसार कंपनी के मुंबई मुख्यालय से पूरे प्रकरण में जांच बैठा दी गई है। जिसमें भूमिका संदिग्ध होने पर नीलामी प्रक्रिया रद्द भी हो सकती है। नीलामी की प्रक्रिया नियमानुसार होनी चाहिए। खरीददारों की कोई कमी नहीं है।
करोड़ों की दलाली खाने की चर्चा
शहर में चर्चा है कि शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के एक व्यापारी नेता ने करोड़ों रुपये की दलाली खायी है। व्यापारी नेता का होटल भी है। यह व्यापारी हिमांशु के बचपन के दोस्त भी हैं। परिवार में पुराने समय से आना-जाना था। लेकिन हिमांशु पुरी करोड़ों के कर्ज के चलते लापता हुए तो यह व्यापारी ही दलाली खाने में लग गए। जिन पर हिमांशु को भरोसा था, उन्हीं लोगों ने नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया।
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