यूपी के आतंक निरोधी दस्ते (एटीएस) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास के कर्मचारी सतेंद्र सिवाल को मेरठ से गिरफ्तार किया है। हापुड़ के शाह महीउद्दीनपुर उर्फ श्यामपुर गांव का निवासी सतेंद्र 2021 से मॉस्को में तैनात है।
सतेंद्र ने पैसों के लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को रक्षा व विदेश मंत्रालय के अलावा भारतीय सेना की रणनीतिक गतिविधियों से जुड़ी अहम गोपनीय सूचनाएं भेजने का गुनाह कबूल किया है। सतेंद्र को रविवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन के कस्टडी रिमांड पर एटीएस को सौंप दिया गया। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह मामले पर बारीकी से नजर रखे हुए है।
कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने बताया कि सतेंद्र की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। सतेंद्र दूतावास में सुरक्षा सहायक के तौर पर तैनात है और इन दिनों छुट्टियों पर आया हुआ था। शनिवार को उसे एटीएस की मेरठ फील्ड यूनिट में बुलाकर पूछताछ की गई। वह सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। सख्ती से पूछताछ पर उसने अपराध स्वीकार कर लिया। ब
कार्यवाहक डीजीपी ने बताया कि एटीएस को खुफिया सूचनाएं मिली थीं कि आईएसआई के हैंडलर कुछ छद्म नाम के व्यक्तियों के जरिये भारतीय विदेश मंत्रालय के कर्मचारियों को लालच देकर गोपनीय सूचनाएं हासिल कर रहे हैं। ये सूचनाएं भारतीय सेना से संबंधित हैं और सामरिक व रणनीतिक लिहाज से गोपनीय एवं प्रतिबंधित हैं। इससे देश की आंतरिक व बाह्य सुरक्षा को बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है।
हनी ट्रैप का शिकार
एडीजी एटीएस मोहित अग्रवाल ने बताया कि सतेंद्र आईएसआई के हनी ट्रैप का शिकार हुआ है। बीते दो साल से आईएसआई हैंडलर सतेंद्र से युवती बनकर बात कर रहा था। उसे मोटी रकम और महंगे गिफ्ट का लालच देकर बरगलाया गया। झांसे में आकर सतेंद्र मॉस्को दूतावास में उपलब्ध भारतीय सेना से जुड़े दस्तावेज उन्हें देने लगा। इसके बदले में उसे कितना पैसा मिला, इसकी जांच की जा रही है। उसके भारत और मॉस्को के बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। मोबाइल फोन फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।