मंगलवार को बिगड़ी थी 11 अभ्यर्थियों की हालत, दो की उसी दिन हो गई थी मौत
तीसरा अभ्यर्थी सचिन रविवार देर रात उपचार के दौरान आनंद अस्पताल में हार गया जिंदगी की जंग
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। कैलाश प्रकाश स्टेडियम में होमगार्ड भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान गंभीर रूप से बीमार पड़े तीसरे अभ्यर्थी की भी रविवार देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान शामली के गुर्जरपुर निवासी सचिन कुमार (22) के रूप में हुई है। मंगलवार को 4.8 किलोमीटर की दौड़ के दौरान हालत बिगड़ने पर सचिन को पहले मेडिकल कॉलेज और फिर आनंद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
आनंद अस्पताल के जनरल मैनेजर मनीष पंडित ने बताया कि सचिन वेंटिलेटर पर था और रविवार देर रात लगभग 11:30 बजे उसने दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुँची और परिजनों से बातचीत की।
गांव गुर्जरपुर निवासी सचिन कुमार चार भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके पिता विनोद कुमार खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सचिन काफी समय से होमगार्ड भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे थे और परिवार को उम्मीद थी कि इस बार उनका चयन हो जाएगा। लेकिन दौड़ के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से परिवार की खुशियाँ मातम में बदल गईं।
15 सितंबर को बिगड़ी थी 11 अभ्यर्थियों की हालत
15 सितंबर को कैलाश प्रकाश स्टेडियम में शामली, बागपत और हापुड़ आदि जिलों के 1,017 अभ्यर्थियों ने शारीरिक दक्षता परीक्षा में भाग लिया था। भीषण गर्मी और उमस के बीच 28 मिनट में 4.8 किलोमीटर की दौड़ लगाते समय 11 अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ गई थी। इनमें से सात को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई थी।
इससे पहले, शामली के लिसाड़ गांव निवासी पूर्व सैनिक अंकुज मलिक (39) की मंगलवार शाम को मौत हो गई थी। वहीं, हापुड़ के मुक्तेश्वरा निवासी दूसरे अभ्यर्थी तरुण ने भी मंगलवार रात न्यूटिमा अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।
दो मौतों के बाद चेते जिम्मेदार
मंगलवार को 11 अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ने पर 'अमर उजाला' ने प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था कि कड़ाके की धूप और उमस के दौरान दौड़ कराने के कारण यह हादसा हुआ। इसके बाद प्रशासन ने दोपहर में दौड़ कराना बंद कर दिया। अब अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र पर दर्ज समय से 90 मिनट पहले बुलाकर दोपहर से पहले ही दौड़ पूरी कराई जा रही है। हालांकि, अब भी रोजाना अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ रहा है।