मेरठ। भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस हर साल 29 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिन हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। मेजर ध्यानचंद को हॉकी का जादूगर कहा जाता था और उनके समय में भारतीय हॉकी टीम ने 1928, 1932, और 1936 के ओलंपिक में तीन स्वर्ण पदक जीते थे। मेरठ की शिवानी शर्मा अंतरराष्ट्रीय हॉकी अंपायर बन चुकी हैं। अभी हाल ही में होने वाली एशियन चैंपियनशिप में वह अंपायरिंग भी करेंगी।
मेजर ध्यान चंद की बात करें तो उन्होंने 1926 से 1949 तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हॉकी खेली और अपने कॅरिअर में 570 गोल किए। साल 1956 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। भारत सरकार ने साल 2012 में उनकी जयंती मनाने के लिए 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में नामित किया था। उनके नाम पर मेरठ में खेल विवि का भी निर्माण जारी है, जिसके शैक्षिक सत्र की शुरुआत आज से हो रही है।
एनएएस काॅलेज में प्रशिक्षण ले रही हैं लड़कियां
एनएएस काॅलेज के मैदान में पिछले कई वर्षों से महिला हॉकी खिलाड़ियों को नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहां की हॉकी खिलाड़ी देशभर में मेरठ का नाम रोशन कर चुकी हैं। हॉकी कोच प्रदीप चिन्योटी लड़कियों को नि:शुल्क हॉकी का प्रशिक्षण दे रहे हैं। वर्तमान में भी यहां 50 महिला हॉकी खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रही हैं। वंदना कटारियां ने भी 2003 से 2006 तक यहीं पर प्रशिक्षण लिया था। इसके अलावा शिवानी शर्मा, ममता, सोनम, शिखा शर्मा, अन्नू मीणा समेत कई खिलाड़ी नेशनल व इंटरनेशनल लेवल की खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर चुकी हैं।
कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में बन चुका है एस्ट्रोटर्फ
यहां सनातन धर्म इंटर कॉलेज में भी पिछले कई वर्षों से खिलाड़ियों को हॉकी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहां अंडर 14, 16 वर्ग के भी बच्चे प्रशिक्षण ले रहे हैं। हॉकी कोच जोगिंद्र सिंह यहां बच्चों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में भी कई दशकों से हॉकी खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहां तो हॉकी का एस्ट्रोटर्फ मैदान भी बन चुका है। वर्तमान सत्र में यहां भी 90 से अधिक खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं। यहां प्रशिक्षण लेने के लिए अंडर 18 वर्ग तक के खिलाड़ियों को 225 रुपये फीस प्रति वर्ष देनी होती है और अंडर 18 से ऊपर के खिलाड़ियों को 2500 रुपये प्रतिवर्ष देने होते हैं।
नवंबर में खेल विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य भी हो जाएगा पूरा
सरधना। गांव सलावा में निर्माणाधीन मेजर ध्यानचंद राज्य खेल विश्वविद्यालय नवंबर 2025 तक तैयार हो जाएगा। करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे इस विश्वविद्यालय के कक्षा भवन, छात्रावास और कुलपति आवास लगभग तैयार हैं। विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य तेजी से अंतिम चरण में है। उधर निर्माण कार्य जारी है और आज खेल दिवस के मौके पर कृषि विवि में खेल विवि के पहले शैक्षिक सत्र की भी शुरुआत हो जाएगी।
लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे निर्माण के तहत कुल 21 भवनों का निर्माण प्रस्तावित है। अब तक लगभग 70 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है, जिस पर 175 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। शासन द्वारा परियोजना के लिए अब तक 247.13 करोड़ रुपये अवमुक्त किए जा चुके हैं। विश्वविद्यालय का परिसर गंगनहर के किनारे स्थित है, इसलिए भू-संरचना और आपदा प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए आईआईटी रुड़की द्वारा भूकंप संभाव्यता और भू-तकनीकी जांच कराई गई है। भवनों की नींव की डिजाइन आईआईटी-बीएचयू द्वारा निरीक्षण कराया गया है। खेल विश्वविद्यालय के भवनों की डिजाइन भारतीय पौराणिक मंदिरों की नागर शैली से प्रेरित है। जैसा कि कोणार्क का सूर्य मंदिर, पुरी का जगन्नाथ मंदिर और सोमनाथ मंदिर में देखा गया है। परिसर का डिजाइन भी इसी शैली में तैयार किया गया है।
मेरठ..कंवलजीत..एनएएस कॉलेज में होकि का अभ्यास करती महिला खिलाड़ी.....संवाद