डेंगूू से बचने की तैयारी कर लें, क्योंकि यही वह हालात हैं जिनमें डेंगू वार कर सकता है। बारिश में सफाई न होने से कूलरों, छत, गड्ढों और बर्तनों में भरा पानी डेंगू के पनपने के लिए सबसे बेहतर माहौल है। पिछले साल भी डेंगू का ‘हमला’ सितंबर में ही शुरू हुआ था। नवंबर तक लोगों को परेशान किया था। लिहाजा जागरूक और सावधान रहने की जरूरत है।
डेंगू पिछले दो साल से कोहराम मचा रहा है। साल 2016 में डेंगू के 183 मरीज मिले थे और चिकनगुनिया के 1105 मरीज। वर्ष 2017 में चिकनगुनिया तो नहीं फैला, मगर डेंगू नहीं रुका। डेंगू के 660 मरीज मिले। यह तो वह थे जिनकी पुष्टि मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में हुई थी, जबकि हकीकत यह भी थी कि इनकी संख्या और भी ज्यादा थी। दरअसल, बहुत मरीज ऐसे रहते हैं, जो निजी चिकित्सक या अस्पताल में इलाज कराते हैं और जिसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिल पाती है या दी नहीं जाती है।
2017: डेंगू की स्थिति
माह ग्रामीण क्षेत्र शहरी क्षेत्र जनपद
जुलाई 01 02 03
अगस्त 00 10 10
सितंबर 41 208 249
अक्तूबर 75 236 311
नवंबर 24 63 87
कुल 141 519 660
अलर्ट जारी, सतर्कता की हिदायत
वेक्टर जनित रोगों की जानकार इपिडिमॉलिस्ट डॉ. रचना टंडन ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अलर्ट जारी है और सतर्कता की हिदायत दी गई है। उन्होंने बताया कि ऐसा कोई शोध या गाइडलाइंस नहीं आई है कि इस बार डेंगू के व्यवहार में कोई परिवर्तन आया है। लापरवाही बरतने पर डेंगू पहले ही की तरह खतरनाक है।
न घबराएं, हर बुखार डेंगू नहीं होता
कई बार मरीज को डेंगू नहीं होता, सामान्य बुखार होता है। सामान्य बुखार में भी प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं, जिसे कई बार डेंगू के लक्षण मान लिया जाता है, जिससे मरीज और उसके परिवारवाले परेशान हो जाते हैं, जबकि हर बुखार डेंगू या चिकनगुनिया नहीं होता है।
लार्वा मिलने पर यह हो सकती है कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग डेंगू का लार्वा पनपने से रोकने के लिए सख्ती करने की तैयारी कर रहा है। इस संबंध में गाइड लाइन जारी की गई है, जिसमें बार-बार एक ही स्थान पर लार्वा मिलने पर जिम्मेदार व्यक्ति को धारा 188 के तहत जेल भी जाना पड़ सकता है। इस धारा के तहत छह माह की कैद या एक हजार रुपये जुर्माना या फिर दोनों का प्रावधान है।
अन्य विभागों की भी है जिम्मेदारी
अपर जिला मलेरिया अधिकारी योगेश सारस्वत ने बताया कि डेंगू और अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए विभिन्न विभागों की अंतर्विभागीय समन्वय समिति और टास्क फोर्स की बैठक हो चुुकी है, जिसमें नगर निगम, आईसीडीएस, पंचायती राज विभाग और वन विभाग को निर्देशित किया गया है कि वह ज्यादा जलभराव और एकत्रित कूड़ा वाले स्थानों को चिह्नित कर उनकी सूचना दें, जिससे कि विशेष सफाई टास्क फोर्स का गठन कर जिले में सफाई अभियान चलाया जा सके।
ऐसे फैलता है डेंगू
डेंगू मादा एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है
यह मच्छर ठहरे हुए पानी में पनपते हैं
डेंगू कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों को आसानी से हो जाता है।
डेंगू की पहचान और लक्षण
तेज ठंड लगकर बुखार आता है
सिर और आंखों में दर्द होता है
शरीर और जोड़ों में दर्द होता है
भूख कम लगती है
जी मचलाना, उल्टी और दस्त आने लगते हैं
बचाव के उपाय
- घर के अंदर और आस पड़ोस में पानी जमा न होने दें
- किचन और वाशरूम को सूखा रखें
- कूलर का पानी सुबह-शाम बदलते रहें
- खिड़कियों और दरवाजों में जाली लगवाएं
- शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले कपड़े पहनें