कसेरूखेड़ा गांव हिंदू-मस्लिम एकता की मिसाल बना। यहां बिना-माता पिता की मुस्लिम युवती का निकाह उसके मुंह बोले हिंदू मामा ने पूरे रीति रिवाज से कराया।
मवाना रोड कसेरूखेड़ा के ऊंचा मोहल्ले में रोशनलाल (70) का परिवार रहता है। लोगों के मुताबिक लालकुर्ती निवासी एक गरीब मुस्लिम महिला को उन्होंने मुंह बोली बहन बनाया था। कुछ समय बाद महिला की मौत हो गई, जबकि उसके पति की पहले ही मौत हो चुकी थी। ऐसे में उसकी बेटी अंजुम पर तो जैसे पहाड़ टूट पड़ा।
बिना मां-बाप की इस बच्ची का सहारा बना रोशनलाल का परिवार। उसके साथ अपनी बेटी जैसा बर्ताव किया और अपने परिवार में पालन पोषण किया। रोशनलाल ने अंजुम का रिश्ता लावड़ निवासी आकिल के साथ किया। आकिल के भी माता-पिता नहीं है। शनिवार दोपहर आकिल और अंजुम का निकाह हुआ, जिसमें मोहल्ले के लोग भी शरीक रहे। सभी ने अपनी शुभकामनाओं के साथ अंजुम को उपहार दिए।