संवाद न्यूज़ एजेंसी
कंकरखेड़ा। दिल्ली-देहरादून हाईवे स्थित वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय में रविवार को हिंदी दिवस पर काव्य संगोष्ठी व सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कवियों एवं साहित्यकारों ने हिन्दी के सम्मान में प्रस्तुतियां दीं। संस्थाध्यक्ष सुधीर गिरि एवं डाॅ. राजीव त्यागी ने अतिथियों को सम्मानित किया।
कवयित्री डाॅ. मधु चतुर्वेदी ने सुनाया-उम्र भर हमने ऐसे कसाले जिये, तम निगलते रहे पर उजाले दिये, प्यास में आंसुओं का रसायन मिला, तृप्ति के घट तुम्हारे हवाले किये...। कवि डाॅ. यतींद्र कटारिया ने कहा-सात समुंदर पार है हिंदी, भारत की जयकार है हिंदी...विश्व पटल पर बढ़ती जाती, भारत का विस्तार है हिंदी...।
इस अवसर पर प्रो. कृष्णकांत दवे, डॉ. पीयूष पांडे, डाॅ. राजेश सिंह, डाॅ. नीतू पंवार, डाॅ. सुमन कुमारी, डाॅ. अंजलि भारद्वाज, डाॅ. आरती गुप्ता, डाॅ. स्मिता आदि मौजूद रहे।
कंकरखेड़ा के वेंकटेश्वरा कॉलेज में कार्यक्रम के दौरान मौजूद अतिथि।