एनएच 58 पर हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हवा से बात करते वाहनों से दुर्घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। इसके बावजूद एनएचएआई और टोल कंपनी को हाईवे पर मौत के कट नहीं दिखाई देते हैं। पांच साल में हुए हादसों में हुई मौतों से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। बीते पांच साल में यहां 1514 दुर्घटनाओं में 452 मौते हो चुकी हैं जबकि 2234 लोग घायल हुए हैं।
परतापुर बाईपास से लेकर रामपुरम तिराहा (मुजफ्फरनगर) तक करीब 72 किमी लंबा यह हाईवे एक्सीडेंट फ्री नहीं हो पा रहा है। हाईवे पर दुर्घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। इसके लिए सबसे ज्यादा एनएचएआई और टोल कंपनी जिम्मेदार हैं। ये यहां पर टोल के रूप में अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं। वहीं, हाईवे पर जगह-जगह खुले कट दुर्घटनाओं को बढ़ा रहे हैं। इनसे निकलने वाले वाहन हाईवे पर तेजी से गुजरते वाहनों से दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। यही कारण है कि हाईवे सुरक्षित नहीं है। ये कट ग्रामीणों, बिल्डरों और व्यापारियों ने खोल रखे हैं। इसका खामियाजा हाईवे पर चलने वाले यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। इसके बावजूद एनएचएआई और टोल कंपनी के अधिकारियों को ये कट नहीं दिखाई दे रहे हैं।
वर्ष हादसा मौत घायल
2013 435 99 752
2014 215 87 296
2015 210 69 287
2016 227 94 237
2017 427 103 662
वर्ष 2017 के आंकडे़ नवंबर तक के हैं।
हाईवे पर यहां खुले हैं मौत के कट
कंकरखेड़ा खिर्वा चौराहा
सिवाया गांव
सिवाया गांव भराला के सामने
नावला की कोठी मंसूरपुर
बेगराजपुर मंसूरपुर
पचेंडा मुजफ्फरनगर
रामपुर तिराहा के निकट मुजफ्फरनगर
नियमानुसार नहीं खुलने चाहिए कट
एनएचएआई और टोल कंपनी के नियमानुसार हाईवे पर अवैध कट खुलना अपराध की श्रेणी में आता है। यहां कट खोलने वालों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। हाईवे पर कई जगह कट खुले हैं। जिस कारण हादसे बढ़ रहे हैं। इन हादसों को रोकने के लिए स्थानीय लोगों को भी जागरूक होना चाहिए।
बार-बार खोल देते हैं कट
टोल कंपनी के रूट ऑपरेशन मैनेजर राणा प्रताप सिंह का कहना है कि सिवाया और खिर्वा चौराहे पर कई बार कट बंद कराए गए हैं, लेकिन फिर से कट खोल दिए जाते हैं। ये कट गलत तरीके से खोले जा रहे हैं। इनसे हादसे बढ़ जाते हैं। इस संबंध में पुलिस-प्रशासन को पत्र भेजकर अवगत कराया है।
एक सप्ताह पहले अवैध कट के कारण लगा था जाम
सिवाया गांव में एक सप्ताह पहले एक ग्रामीण अवैध कट से सड़क पार कर रहा था। उसे मुजफ्फरनगर की ओर से आई बोलेरो गाड़ी ने टक्कर मार दी। इसके बाद घायल को कार सवार गाड़ी के बोनेट पर डालकर ले गया था। जिससे गुस्साए ग्रामीणों ने सिवाया में जाम लगा दिया था। घायल के अस्पताल में भर्ती किए जाने पर ही जाम खोला गया था। जिस कारण हादसे और हादसों में मारने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है।