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हाइवे पर बने मौत के गड्ढे, पता नहीं कब सुधरेंगे

Mon, 16 Apr 2018 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पौड़ी हाइवे पर बने मौत के गड्ढे और ज्यादा गहरे होते जा रहे हैं। इनके कारण अक्सर बाइक सवार गिरकर चुटहिल हो रहे हैं। पहले भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं। ये हालात तब हैं जब रोजाना सत्तारूढ़ पार्टी के नेता, प्रशासनिक अधिकारी इस हाइवे से होकर निकलते हैं। कुछ दिन पूर्व तो प्रदेश के प्रभारी मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह भी मवाना इसी रोड से होकर निकले। लेकिन कोई इन गड्ढों की सुध लेने को तैयार नहीं है।
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प्रदेश सरकार ने भी सत्ता में आने के बाद छह माह के अंदर लोगों को गड्ढामुक्त सड़कों का आश्वासन दिया था। लेकिन सरकार के ये दावे भी हवाई निकले। मेरठ-पौड़ी हाइवे को मवाना रोड के नाम से भी जाना जाता है। सड़क का हाल यह है कि गंगानगर थाना क्षेत्र की यशोदाकुंज कालोनी के सामने से इस पर गड्ढों की शुरूआत होती है। उसके बाद से पग-पग पर गड्ढे बन गए हैं। करीब आठ माह से रोड की यही दुर्दशा है। लगातार गड्ढे और भी गहरे होते जा रहे हैं। अधिकारियों ने कुछ दिन पूर्व कहा था कि टेंडर प्रक्रिया के बाद ही सड़क पर काम शुरू हो पाएगा। 

यहां हैं मौत के गड्ढे
यशोदाकुंज कॉलोनी के सामने, रजपुरा पेट्रोल पंप, जेपी कॉलेज, ट्रांसलेम कॉलेज, सलारपुर गांव के सामने व उससे आगे, सैनी पुल के पास, सैनी पेट्रोल पंप के सामने, इंचौली ईदगाह के सामने, शॉर्पेन पब्लिक स्कूल के सामने, जैन क्रेशर के सामने, इलियास के बाग के पास, मसूरी भट्टे के पास, मसूरी गांव, बना गांव के सामने, नंगली ईशा गांव के आगे दर्जनों गड्ढे बिजनौर व मवाना तक हैं।
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दर्जनभर से अधिक स्कूल-कॉलेज
करीब 15 किलोमीटर के दायरे में मवाना रोड पर 15 से अधिक कॉलेज और पब्लिक स्कूल हैं। इन स्कूलों की करीब पचास से अधिक बसें रोज यहां से गुजरती हैं। गड्ढों के कारण जाम की स्थिति बन जाती है। जेपी कॉलेज के सामने ज्यादा गहरे गड्ढे होने के कारण अक्सर जाम लग जाता है। 

ये हो चुके हैं बड़े हादसे
-17 दिसंबर 2017 को बाइक सवार इंचौली निवासी फैजान और उसके दोस्त को सैनी पुल पर अज्ञात वाहन ने गड्ढे से बचने के चक्कर में टक्कर मार दी थी। फैजान की मौके पर मौत हो गई थी।
-15 फरवरी 2018 को इंचौली निवासी इस्लामुद्दीन को भी अज्ञात वाहन ने सैनी पुल के पास टक्कर मार दी थी। उसकी भी मौके पर मौत हो गई थी। 
-इंचौली-मसूरी गांव के बीच देररात गड्ढे के कारण बेकाबू कार पेड़ से टकरा गई थी। इसमें बिजनौर निवासी सावेज की मौत हो गई थी। जबकि पांच लोग घायल हो गए थे। 
- लावड़ निवासी शिवकुमार की बाइक की टक्कर लगने से मसूरी तिराहे के मौत हो गई थी। 
- करीब तीन माह पहले ट्रक की टक्कर से सैनी पुल के पास औरैया निवासी ट्रक ड्राइवर रामप्रसाद की मौत हो गई थी। 
-सैनी पुल पर एक प्राइवेट बस गड्ढों के कारण बेकाबू होकर सड़क किनारे पलट गई थी। बाद में आग लगने से वह जलकर राख हो गई थी। 
-सलारपुर के पास बारात की दो बसें कमानी टूटने के कारण पलट गईं थी। इसमें एक दर्जन बाराती घायल हुए थे। 


फिसल गई थी बाइक

मैं गंगानगर स्थित एक हॉस्पिटल में आईसीयू स्टाफ हूं। कई बार गड्ढों के कारण हाइवे पर बाइक फिसल चुकी है। हल्की चोटें भी आईं। कई महीनों से सड़क का यही हाल है। - कृष्ण सैनी, निवासी सैनी गांव

कई बार टक्कर से बचा
बाइक से स्कूल जाते समय गड्ढों के कारण कई बार बड़े वाहनों की टक्कर से बचा हूं। अब तो सड़क पर चलते डर लगता है। पता नहीं अभी कब हादसा हो जाए। -उज्जैफा सिद्दीकी, निवासी इंचौली 

कोई सुनने को नहीं तैयार
कई माह से रोड़ बदहाल है। संबंधित अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं। बच्चों को स्कूल आने-जाने में दिक्कत होती है। कई बार शिकायत के बाद भी सड़क सुधार पर ध्यान नहीं दिया गया। -विवेक कौशिक, आईजे ब्लॉक, गंगानगर 
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