मेरठ-बुलंदशहर हाईवे यानि एनएच 235 के निर्माण में आ रही समस्याओं के समाधान का रास्ता अब साफ हो गया है। किसान मुआवजे की कम दर बताकर विरोध जता रहे थे। फफूंडा गांव के किसान लंबे समय से शासन से रेट रिवाइज करने की मांग कर रहे थे। ऐसे में अब यहां जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है।
लगभग 66 किमी लंबा प्रस्तावित मेरठ बुलंदशहर हाईवे अहम प्रोजेक्ट है। इस हाईवे पर 15 सौ करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान जताया जा रहा है। यह मार्ग फोर लेन बनाया जाएगा। इसका निर्माण तीन अलग-अलग हिस्से में होना है। मसलन मेरठ से खरखौदा 26 किमी. तक बनाया जाएगा। उसके बाद अगले 21 कि मी. का निर्माण हापुड़ क्षेत्र में होगा। शेष भाग का निर्माण बुलंदशहर में होना है। इसके लिए मेरठ के 13 गांवों में जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। यह प्रोजेक्ट इसलिए भी अहम है कि दिल्ली एक्सप्रेस वे पर भी इसे कनेक्ट करने की योजना है। इसके लिए मेरठ के पास इनर रिंग रोड एक तरफ दिल्ली एक्सप्रेस वे को कनेक्ट करेगी तो यही रोड मेरठ बुलंदशहर मार्ग को भी मिलाएगी। जुर्रानपुर फाटक से शताब्दी नगर की ओर यहां जंक्शन भी प्रस्तावित है।
यह फंसा था पेंच
हाईवे निर्माण को लेकर मेरठ में पेंच फंसा था। दरअसल प्रस्तावित मार्ग निर्माण के लिए गांव फफूंडा की जमीन का अधिग्रहण हुआ है। यहां के किसान विरोध में थे। किसानों का कहना था कि उनके साथ नाइंसाफी हुई है। मांग थी कि इस गांव की जमीन का बहुत कम मूल्यांकन किया गया है। किसान चाहते थे कि नए भू अधिग्रहण अधिनियम के तहत ही उनके गांव की जमीन का भी मूल्यांकन किया जाए। किसानों ने ऐलान कर रखा था कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो हाईवे पर काम नहीं करने दिया जाएगा।
अब खुल गई राह
अब इस गांव के लिए रेट रिवाइज हो गया है। यहां पहले 1200 से 1320 रुपये तक की दर से मुआवजा तय किया गया था, लेकिन अब यह रेट लगभग पांच हजार रुपये हो गया है। इससे शासन पर तीस से चालीस करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय पडे़गा। किसानों की यह मांग पूरी होने से अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही निर्माण शुरू हो सकेगा। 50 हजार वर्ग मीटर से ज्यादा जमीन पर यहां पहले चरण में कब्जा होना है।
पानीपत तक होगी कनेक्टिवटी
यह हाईवे भविष्य की अहम योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। दरअसल इसकी कनेक्टिविटी काफी दूर तक प्रस्तावित है। इनर रिंग रोड के जरिए यह एनएच 58 से कनेक्ट होगा तो यह कनेक्शन देहरादून तक जाएगा। उधर बागपत रोड से मिलकर यह पानीपत तक जाएगा। इसके लिए भी सरकार प्लान तैयार कर रही है। इसी प्लान को सपोर्ट करने के लिए बागपत रोड पर जानी में गंगनहर पर पुल का दोहरीकरण किया गया है वहीं बालैनी में हिंडन पर भी नया पुल बन रहा है।
इन गांवों को हुआ है लाभ
धीरखेड़ा, कैली, पांची, लालपुर, खरखौदा, बिजौली, फफूंडा, अलीपुर, जाहिदपुर, सांकरपुर, भगवानपुर, हाजीपुर और घोसीपुर।