नोट- बीएसए और डीएम को बयान भीे जरूरी है।
- वीडियो से विभाग की छवि धूमिल करने का आरोप, शांतिभंग में चालान कर जेल भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। कालंद गांव स्थित सरकारी विद्यालय की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में बेसिक शिक्षा विभाग ने अधिवक्ता समेत दो युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। विभाग का आरोप है कि युवकों ने भ्रामक वीडियो बनाकर शिक्षा विभाग की छवि धूमिल करने का प्रयास किया। पुलिस ने रविवार को वीडियो के आधार पर दोनों युवकों की पहचान कर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद दोनों का शांतिभंग की धारा में चालान कर दिया। एसडीएम कोर्ट से दोनों को जेल भेज दिया गया।
बताया गया कि कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। इसमें दो युवक कालंद गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय परिसर में खड़े होकर विद्यालय की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते नजर आ रहे थे। वीडियो में विद्यालय परिसर, शौचालय, पेयजल व्यवस्था और भवन की स्थिति दिखाई गई थी। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लिया।
बीएसए के आदेश पर खंड शिक्षा अधिकारी सुदर्शन लाल ने सरधना थाने में तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर वीडियो के आधार पर युवकों की पहचान शुरू की। सीओ आशुतोष कुमार के अनुसार, आरोपियों की पहचान सरधना निवासी कांग्रेस जिला महासचिव जितेंद्र पांचाल के पुत्र अधिवक्ता संयम पांचाल और उसके साथी अयान के रूप में हुई। पहचान होने के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद दोनों का शांतिभंग की धारा में चालान किया गया। एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पिता ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
सरधना। मामले में अधिवक्ता संयम पांचाल के पिता कांग्रेस नेता जितेंद्र पांचाल ने शिक्षा विभाग और सरकार पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि विद्यालय की वास्तविक स्थिति दिखाने पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में पेयजल, शौचालय और परिसर की स्थिति खराब है। उनका कहना है कि दोनों युवकों के खिलाफ गलत कार्रवाई की गई है और न्याय के लिए वह सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। उन्होंने इसे मौलिक अधिकारों का हनन बताया।
विभाग ने कहा- पुरानी जर्जर बिल्डिंग दिखाई गई
खंड शिक्षा अधिकारी सुदर्शन लाल ने बताया कि दोनों युवकों ने कालंद गांव स्थित विद्यालय की भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल की थी। वीडियो में विद्यालय परिसर की पुरानी बिल्डिंग दिखाई गई है, जिसे पूर्व में जर्जर घोषित किया जा चुका है और उसके ध्वस्तीकरण की तैयारी चल रही है। विद्यालय का संचालन दूसरी बिल्डिंग में किया जा रहा है। बीएसए के आदेश पर वीडियो बनाने वाले युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।