ये है मामला
अधिवक्ता रमेश चंद गुप्ता का सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उसकी सदस्यता समाप्त कर दी थी। रमेश चंद गुप्ता के कई वीडियो सामने आए। एक वीडियो में रमेश चंद अपने ऑफिस में काम करने वाली युवती के साथ अश्लीलता करता दिख रहा है।
दूसरे वीडियो में वह चैंबर पर टाइपिंग का कार्य करने वाली दूसरी किशोरी के साथ खड़ा हुआ है। अश्लीलता वाला वीडियो वायरल होने के बाद टाइपिंग वाली किशोरी संदिग्ध हालात में लापता हो गई थी।
किशोरी के भाई ने दौराला थाने में 27 मई को उसके अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने उसे बरामद करके कोर्ट में 164 के बयान कराए। इसके बाद पुलिस ने रमेश चंद गुप्ता को पॉक्सो एक्ट की धारा में नामजद कर लिया।
दो भाजपा नेताओं का भी किशोरी ने नाम लिया है, उनके बारे में जांच चल रही है। वहीं, किशोरी पर भी वीडियो में नजर आ रही युवती ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर वाद दायर करते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
किशोरी ने लगाए थे भाजपा नेताओं पर आरोप
पीड़ित किशोरी ने अपने बयान में दो भाजपा नेताओं पर भी आरोप लगाए थे। पुलिस उनकी भूमिका की जांच कर रही है। सीओ दौराला अभिषेक पटेल का कहना कि किशोरी ने जो आरोप दो अन्य लोगों पर लगाए हैं, उनको लेकर सुबूत तलाशे जा रहे हैं। अभी तक दोनों को आरोपी नहीं बनाया गया।
रिपोर्ट तैयार, अब एफएसएल में होगी जांच
पुलिस ने आरोपी अधिवक्ता के ऑफिस से लैपटॉप और सीपीयू बरामद किया था। अभी तक उनकी जांच साइबर सेल कर रही थी। उसकी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। अब आगे की जांच गाजियाबाद फोरेंसिक साइंस लैब में कराई जाएगी। हालांकि अभी तक साइबर सेल की रिपोर्ट और लैपटॉप व सीपीयू लैब में नहीं भेजे गए है।
फरार अधिवक्ता की तलाश में पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही थीं। उसे आज सुबह सकौती से गिरफ्तार कर लिया गया। किशोरी के बयान में जो दो अन्य लोगों पर आरोप लगाए गए थे, उनके खिलाफ सुबूत तलाशे जा रहे हैं। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी